कन्नौज। बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए जिले के 64 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल मैत्री शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन से शुक्रवार को बजट स्वीकृत हो गया है। निर्माण कार्य अगले महीने शुरू होते ही तीन से छह वर्ष के बच्चों को साफ-सुथरी और सुरक्षित शौच सुविधा उपलब्ध होगी।
वर्तमान में कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसको देखते हुए स्वच्छ भारत कोष ट्रस्ट के सहयोग से बाल मैत्री शौचालय बनाए जाएंगे। बाल मैत्री शौचालय बच्चों की ऊंचाई के अनुसार बनाए जाएंगे। इनमें निचली सीट, छोटे आकार के वॉश बेसिन, हैंडवॉश स्टेशन, फिसलन रहित फर्श और पर्याप्त रोशनी वेंटिलेशन की सुविधा होगी। साथ ही शौचालय के बाहर रंगीन दीवारों पर स्वच्छता संबंधी चित्र बनाए जाएंगे, ताकि बच्चे खेल-खेल में स्वच्छता सीखें। प्रत्येक शौचालय में पानी की टंकी और साबुन रखने की व्यवस्था भी होगी।
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायत को नामित कार्यदायी संस्था बनाया गया है। प्रत्येक केंद्र के लिए 36,000 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। पहले चरण में 64 केंद्रों का चयन किया गया है। इनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र के आंगनबाड़ी शामिल हैं। निर्माण में मनरेगा और 15वें वित्त की धनराशि का भी उपयोग किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि शौचालय न होने से कई बार बच्चों को घर भेजना पड़ता था। अब केंद्र पर ही सुरक्षित सुविधा मिलने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी और अभिभावक भी निश्चिंत रहेंगे। अधिकारियों का मानना है कि स्वच्छ शौचालय से बीमारियां कम होंगी और बच्चों में साफ-सफाई की आदत शुरू से विकसित होगी।
ब्लॉकवार केंद्राें की संख्या
योजना के तहत छिबरामऊ में 21, हसेरन में चार, उमर्दा में नौ, तालग्राम, सौरिख व गुगरापुर में पांच-पांच, जलालाबाद में सात तथा सदर ग्रामीण क्षेत्र के आठ आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल मैत्री शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।