बैंक से पैसे न निकल पाने के कारण किसान अपनी पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहा है। मेडिकल कालेज से कानपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन धन के अभाव में वह कानपुर नहीं ले जा सका। मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के सगरा गांव निवासी किसान शिवसिंह ने बताया कि उसकी पत्नी सत्यवती (38) को बुधवार की सुबह दिल का दौरा पड़ा। वह पत्नी को मेडिकल कालेज ले आया। यहां डाक्टरों ने कानपुर कार्डियोलाजी ले जाने का कहा।
किसान ने बताया कि बैंक आफ इंडिया की तिर्वा शाखा में उसके बचत खाते में 46 हजार की धनराशि जमा है। उक्त पैसे निकालने के लिए वह सुबह आठ बजे से ही बैंक की लाइन में लग गया। दोपहर दो बजे नंबर आने पर उसे बताया गया कि महज चार हजार की धनराशि ही बैंक से मिल सकती है। इस पर उसने इलाज की व्यवस्था के लिए अपना 19 क्विंटल धान बेच दिया। एवज में गल्ला आढ़ती ने उसे 25 हजार रुपये की चेक दे दी। चेक लेकर जब बैंक गया तो बैंक कर्मियों ने चेक का भुगतान करने से मना कर दिया।
कहा कि बैंक में पैसे नहीं है। भुगतान नहीं हो पाएगा। वह चेक लेकर पुन: आढ़ती के पास पहुंचा। इस पर आढ़ती ने उसे गुरुवार की सुबह नगद भुगतान देने का आश्वासन दिया है। किसान की व्यथा है कि उसकी पत्नी की हालत अत्यंत गंभीर है। रात में हालत बिगड़ भी सकती है। उसे इस बात का दर्द है कि केंद्र सरकार के फरमानों के चलते उसे उसका ही पैसा नहीं मिल पा रहा है।