कन्नौज। आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सवारी वाहनों केे चालकों-परिचालकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। पहले बिना चरित्र प्रमाण पत्र के ही लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता था। इस व्यवस्था से मंगलवार को एआरटीओ दफ्तर पहुंचने वाले सवारी वाहनों के चालक व परिचालक काफी परेशान दिखे।
अब सवारी वाले स्कूल वाहन, बस, टैंपो, टैक्सी के चालक-परिचालकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए चरित्र प्रमाण पत्र बनवाना पड़ेगा। चरित्र प्रमाण पत्र के आवेदन से लेकर जारी होने तक की प्रक्रिया काफी जटिल है। चालकों-परिचालकों का कहना है कि आवेदन शुल्क 50 रुपये है लेकिन इसकी साइट अधिकतर बंद रहती है। कैफे संचालक प्रक्रिया जटिल बताकर 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। फिर संबंधित थाना से रिपोर्ट लगने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस काम में कई दिन का समय लग जाता है। लाइसेंस नवीनीकरण से पूर्व चरित्र प्रमाण पत्र का नियम लागू होने से चालक परिचालक परेशान हैं।
एआरटीओ इज्या तिवारी का कहना है कि सवारी वाहनों में यात्रियों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार के निर्देश पर सवारी वाहन के चालकों व परिचालकों के लाइसेंस नवीनीकरण में चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य है। सवारी वाहन के चालक या परिचालक का लाइसेंस बिना चरित्र प्रमाण पत्र के अब नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।