नदसिया। जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। अनौगी खेड़ा और पछाएपुरवा में 13 दिनों में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। इन सभी का इलाज निजी अस्पताल से लेकर कानपुर तक इलाज चल रहा है।सीएचसी प्रभारी का कहना है 21 लोग बुखार से पीड़ित और दो डेंगू के संदिग्ध रोगी मिले थे
ब्लॉक जलालाबाद क्षेत्र ग्राम सभा अनौगी के अनौगी खेड़ा और मजरा पछायपुरवा में संक्रामक बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 13 दिन पहले शिवरतन (55) की बीमारी से मौत हो गई और पांच दिन पहले रामश्री (45) ने भी बीमारी से दम तोड़ दिया। गांवों में 300 लोग बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मनोरमा, मीरा, राघव, कृष्णा, पंकज, सत्येंद्र, संतोष, मालती आदि को बुखार ने चपेट में ले लिया है। इनके अलावा बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त से परेशान हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार को गांव में कैंप लगाया गया था, जिसमें 46 मरीजों का इलाज किया गया था। इसमें 21 लोग बुखार से पीड़ित थे और दो डेंगू के संदिग्ध रोगी मिले थे। सोमवार को भी मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम भेजी गई थी, जिसमें 66 मरीजों का इलाज किया गया है। साथ ही लोगों को साफ-सफाई रखने और मच्छरों से बचाव को लेकर जागरूक किया गया।
एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी नहीं हुई
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग नहीं हो रही है, जिस कारण मच्छराें का प्रकोप बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में साफ-सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने की मांग की है।