कन्नौज। उमर्दा ब्लाक क्षेत्र की चार अस्थायी गोशालाओं से 90 गोवंश लापता होने का मामला गर्माने लगा है। डीएम की सख्ती के बाद प्रधानों व सचिव पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इन्हें अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था। शनिवार तक स्पष्टीकरण न देने पर जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने मुख्यमंत्री के आदेश पर जिलेभर में गोवंशों की सुरक्षा के लिए अस्थायी गोशालाओं का निर्माण करवाया था। डीएम ने पिछले दिनों इन गोशालाओं की हकीकत जानने के लिए जिला स्तरीय अफसरों की जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान विकास खंड उमर्दा की पंचायतों में कई गोवंश लापता मिले। अफसरों के पूछने पर जिम्मेदार सही जवाब नहीं दे सके।
ग्राम पंचायत लिलुइया की गोशाला में 43 गोवंश लापता मिले। जिम्मेदार इस बाबत कोई जवाब नहीं दे सके। अस्थायी गोशाला खानपुर में 17, ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में 17 व ग्राम पंचायत नुरारी में 13 गोवंश काफी समय से लापता हैं। अफसरों को अंदेशा है कि या तो यह मर गए, या इन्हें छोड़ दिया गया है। डीएम के आदेश पर उमर्दा बीडीओ सरला देवी ने प्रधानों व सचिव को नोटिस दिया है। इनसे लापता गोवंशों के बारे में जवाब मांगा गया है। उमर्दा बीडीओ सरला देवी ने बताया कि इस मामले की बिंदुवार जांच चल रही है। जिम्मेदार लोगों को अपना पक्ष व साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी।
सचिवों की हड़ताल होने से आ रही दिक्कत
जिलेभर के ग्राम विकास अधिकारी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से तीन दिवसीय सामूहिक हड़ताल पर हैं। इसमें उमर्दा ब्लाक के सचिव भी शामिल हैं। इनकी हड़ताल से लापता गोवंशों की जांच पड़ताल नहीं हो पा रही है। इससे जांच प्रक्रिया अधर में है। इनके काम पर लौटते ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सकेगा।