प्रशासन ने एक नवंबर को जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी
सदस्य पद की होने वाली वोटों की गिनती के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गणना के कार्य में 1800 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उधर, चौथे चरण
में उमर्दा विकास खंड क्षेत्र में होने वाले चुनाव में जीत पक्की करने के
लिए जिला पंचायत सदस्य पद के कई दबंग व धनाढ्य उम्मीदवार आचार संहिता का
जमकर उल्लंघन कर रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने बताया कि
23 अक्तूबर को कलक्ट्रेट में आरओ और एआरओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 25 को
केके इंटर कालेज में सुबह नौ से 11 और 12 से तीन बजे के बीच विकास खंड
छिबरामऊ कक्ष संख्या 21 व 22, गुगरापुर कक्ष संख्या 17, हसेरन 22, जलालाबाद
18, कन्नौज 19, सौरिख 20, तालग्राम 23, उमर्दा का कक्ष संख्या 24 में आरओ,
एआरओ प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान लगने वाली टेबल पर
एक पर्यवेक्षक, तीन गणना सहायक, एक अतिरिक्त सहायक की ड्यूटी लगेगी। गणना
से संबंधित सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया है। जिन कर्मचारियों और
अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं, उनको वितरण कराने का काम शुरू कर दिया
गया है।
उधर, मतगणना के दौरान पूरी निष्पक्षता बरतने के लिए प्रशासन
युद्धस्तर से जुट गया है। एसपी कलानिधि नैथानी कहते हैं कि मतगणना के दौरान
चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रहेगा। थानेदार से लेकर सीओ तक पल-पल पर
नजर रखेंगे। मतगणना स्थल के आसपास किसी को भी फटकने नहीं देंगे।
यदि किसी
उपद्रवी ने खलल डालने या मतगणना के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश की तो
उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। मतगणना के दौरान वह
खुद भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। उधर, चौथे चरण में उमर्दा विकास
खंड क्षेत्र में होने वाले चुनाव में जीत पक्की करने के लिए जिला पंचायत
सदस्य पद के कई दबंग व धनाढ्य उम्मीदवार आचार संहिता का जमकर उल्लंघन कर
रहे हैं।
उम्मीदवारों के बीच एक-दूसरे से ज्यादा वाहनों से प्रचार करने
की होड़ मची है। इससे एक ओर जहां आचार संहिता का मखौल उड़ रहा, वहीं दूसरी
तरफ चुनाव आयोग की ओर से तय की गई चुनाव खर्च सीमा भी पार होने लगी है।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्रत्याशी सिर्फ एक चार पहिया वाहन से ही
प्रचार कर सकते हैं।
इस नियम का पालन कराने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा
है। ठठिया व जनखत क्षेत्र में अफसरों के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सुबह
से ही उम्मीदवार और उनके समर्थक कारों के काफिले के साथ वोट मांगने निकल
पड़ते हैं। कई धनाढ्य प्रत्याशी वोटरों के बीच अपनी धमक कायम करने के चक्कर
में 10 से 20 वाहनों के काफिले के साथ चल रहे हैं।