कारगिल युद्ध के जांबाजों में समधन के सेना मेडल से सम्मानित कैप्टन रविंद्र सिंह का नाम भी शामिल है। उन्होंने गोली लगने के बाद भी पांच पाक फौजियों को मार गिराया था। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें सेना मेडल देकर सम्मानित किया था।
कैप्टन रविंद्र सिंह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन देश के प्रति उनका जज्बा आज भी कायम है। 1982 को वे सेना में भर्ती हुए था। इसके बाद कई देशों में उन्होंने सेना की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
आपरेशन कारगिल के समय उन्हें बटालिक सेक्टर पर मोर्चे पर लगाया गया था। वह 10 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक रहे। बटालिक सेक्टर पर 23 जुलाई 1999 को दुश्मन की एक गोली उनके बाएं पैर में आकर धंस गई। गोली लगने के बाद भी पांच पाक सैनिकों को ढेर कर दिया। मोर्चे पर होने के कारण तीन दिन तक उनके पास कोई मदद नहीं पहुंच सकी। 26 जुलाई को वार ओवर होने के बाद उपचार के लिए लाया गया था।
कैप्टन रविंद्र का सफल कॅरियर
कैप्टन रविंद्र सिंह ने 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार, 1987 में श्रीलंका में आपरेशन पवन में हिस्सा लिया। इसी प्रकार नागालैंड व मणिपुर में आपरेशन आरपिड, सियाचिन में चले आपरेशन मेघदूत में हिस्सा लिया था।