कस्बे में अंडरग्राउंड विद्युत लाइन बिछने के बाद
उपभोक्ताओं के घरों में लगाए गए इलेक्ट्रानिक मीटर से विद्युत बिलों में
बड़े पैमाने पर गड़बड़िया सामने आ रही है। कस्बे के करीब 90 फीसदी विद्युत
उपभोक्ता इन गड़बड़ियों के शिकार होकर परेशान घूम रहे हैं।
उपभोक्ताओं
का बिल पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये प्रतिमाह का आ रहा, जिसको लेकर
उपभोक्ता हैरान हैं। कई शिकायतों के बाद विद्युत विभाग ने कैंप लगाकर
विद्युत बिलों को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया। सोमवार को लगे कैंप में
उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। कई उपभोक्ताओं की विद्युत कर्मचारियों व
अफसरों से तीखी नोकझोंक भी हुई।
कस्बे में करीब 4500 विद्युत उपभोक्ता है।
अंडरग्राउंड लाइन बिछने के बाद कार्रदायी संस्था के कर्मचारियों ने करीब
2800 उपभोक्ताओं को अंडरग्राउंड विद्युत लाइन के कनेक्शन से जोड़ दिया। इन
उपभोक्ताओं के घरों के बाहर इलेक्ट्रानिक मीटर लगा दिए गए है।
कार्रदायी
संस्था के कर्मचारी इलेक्ट्रानिक मीटर से रीडिंग लेने के बाद उपभोक्ताओं को
कंप्यूटर बिलिंग की पर्चियां थमा देते हैं। दर्जनों उपभोक्ताओं ने
बताया कि अभी तक उनका बिल प्रति दो माह में 800 रुपये से 1500 रुपये के
मध्य तक का आता रहा है।
घरों में इलेक्ट्रानिक मीटर लगने के बाद जो बिल
उनको दिए जा रहे, वह पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक के हैं। इन बिलों
को लेकर जब वह एसडीओ दफ्तर जाते हैं तो वहां तैनात कर्मचारी उन पर पूर्व
में बिजली चोरी करने के आरोप लगाते हुए बिल को जमा करने की बात कहते हैं।
विद्युत विभाग के अफसर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। करीब एक
पखवाड़ा पूर्व तिर्वा पहुंचे विद्युत विभाग के एक्सईएन को घेरकर उपभोक्ताओं
ने शिकायतें रखी थी। इसके बाद विद्युत बिल को दुरुस्त कराने के लिए
निर्देश दिए गए थे। सोमवार को एसडीओ दफ्तर के सामने एक्सईएन पी राम के
नेतृत्व में बिल दुरुस्त करने को एक कैंप लगाया गया।
जानकारी पाकर
सैकड़ों उपभोक्ता अपने-अपने बिल लेकर कैंप में पहुंचे। हजारों के बिल आने
की बात बताकर कई उपभोक्ता एक्सईएन से उलझ गए। कई बार उपभोक्ताओं की तीखी
नोकझोंक हुई। बाद में एक्सईएन ने गड़बड़ी वाले सभी बिलों को दुरुस्त करने
के कर्मियों को निर्देश दिए। देर शाम तक उपभोक्ताओं के बिल दुरुस्त करने का
काम चलता रहा।