उमर्दा। 33 हजार की केबल टूटने के 36 घंटे बाद भी ग्रामीणों परेशान है। बत्ती न आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। बिजली निगम पर ग्रामीणों ने मनमानी का आरोप लगाया है।
ग्रामीण ऋषभ गुप्ता,रामजी यादव, दीपू यादव, दरोगा यादव, धर्मेंद्र शर्मा, घनश्याम सैनी, अवधेश यादव, प्रमोद यादव आदि का आरोप है कि केबल जुड़ने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आपूर्ति बहाल हो जाएगी। इंतजार लंबा होता चला गया। बताया कि घरेलू बिजली सप्लाई शुरू कराने के लिए लाइनमैन से संपर्क किया गया, लेकिन उसने आपूर्ति चालू करने से मना कर दिया। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जर्जर सुरक्षा इंतजाम के कारण हादसे का खतरा बना हुआ था। विरोध के बाद सुरक्षा व्यवस्था कराकर केबल तो जुड़वा दी गई, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कब मिलेगी, इसका जवाब नहीं मिल रहा है।
लगातार बिजली बाधित रहने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से जल्द घरेलू आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब केबल जोड़ने का काम पूरा हो चुका है तो बिजली आपूर्ति शुरू करने में देरी क्यों की जा रही है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि केबल जोड़ने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई।