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बुखार आए तो घबराएं नहीं, घर में हो जाएं आइसोलेट, 70 फीसदी लोग हो रहे ठीक

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कन्नौज। आपको या परिवार के किसी सदस्य को बुखार आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरल हो सकता है। बुखार आने पर खुद को घर में आइसोलेट (संगरोध) कर लें। डॉक्टर से परामर्श लेकर घर में ही उपचार करें। जिले में करीब 75 फीसदी लोग होम आइसोलेशन में संयम बरतने की वजह से ठीक हो रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण व वायरल का पूरे जिले में प्रकोप है। इसका संक्रमण एक से दूसरे में तेजी से फैलता है। यह बीमारी इतनी भी घातक नहीं है कि हर मरीज को अस्पताल में भर्ती होना पड़े। कोरोना के नोडल अफसर व फिजीशियन डॉ. केसी राय का कहना है कि केवल 25 से 30 फीसदी कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। 70 फीसदी लोग घर में परिवार से अलग रह कर डॉक्टरों की सलाह व उपचार से स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमार होने पर ही अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।
अलग कमरा और शौचालय की व्यवस्था जरूरी
घर में कोविड संक्रमित व्यक्ति के लिए अलग कमरा व शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। संक्रमित की देखरेख करने के लिए एक अन्य व्यक्ति होना आवश्यक है। संक्रमित व्यक्ति में अन्य गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए। तभी होम आइसोलेशन में रह सकते हैं।
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घर में यह इंतजाम कर लें, सुकून रहेगा
घर के अलग कमरे में रहें। कमरे की सभी खिड़कियां खुली रखें। खुद के लिए शौचालय अलग रखें। बाथरूम भी अलग रखें। हमेशा तीन पर्त के मास्क का प्रयोग करें। इसे छह से आठ घंटे में बदल दें। साबुन से हाथों को साफ करते रहें। सैनिटाइजर का भी प्रयोग करें। खांसी या छींक आने पर मास्क, रुमाल और कोहनी का प्रयोग करें।
होम आइसोलेशन में यह करें
अधिकतर छुई जाने वाली सतह व उपकरण का इस्तेमाल करने से बचें। मोबाइल और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं को सैनिटाइज करते रहें। रोगी खुद के बर्तन, तौलिया, चादर को अलग रखें। दिन में दो बार बुखार या पल्स की जांच करते रहें। पर्याप्त मात्रा में जूस या तरल पदार्थ लें। अन्य रोग हों तो इनका भी इलाज जारी रखें। खाने में ताजे फल व प्रोटीन युक्त आहार अधिक मात्रा में लें। कार्बोहाइड्रेड कम मात्रा में लें। आइसोलेशन के दौरान शराब या अन्य नशीले पदार्थ का प्रयोग न करें। डॉक्टर की ओर से दी जाने वाली सलाह का पालन करें। अपने मोबाइल पर आरोग्य एप डाउनलोड कर लें। इस पर आने वाली सूचनाओं का पालन करते रहें। घर पर अतिथि को न बुलाएं। शादी, बारात या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग न लें। कोविड रोगी के लिए जरूरी है कि वह तन के साथ मन को भी स्वस्थ रखें। टीवी, मोबाइल देखें। पसंद की किताबें पढ़ें।
अपने स्वास्थ्य की ऐसे करें जांच
थर्मामीटर से खुद के तापमान की माप करें। तापमान 100 से अधिक नहीं होने पाए। अपनी पल्स को एक मिनट के लिए जांचें। पल्स की जांच के लिए अंगूठे के बाद की अंगुली का प्रयोग करें। पल्स 100 बीट्स प्रति मिनट से अधिक न हो। सांस लेने की दर को भी नापते रहें। सांस की दर एक मिनट में 15 से अधिक न हो। ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर देखते रहें। रेट 94 प्रतिशत से कम नहीं होने पाए।
डॉक्टर की सलाह से उपचार लें
कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन के दौरान डॉक्टर की सलाह से उपचार लें। बिना सलाह के किसी तरह की दवा का सेेवन न करें।
संक्रमित को खिलाएं प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ
कोरोना संक्रमित को घर में बना खाना दें। गेहूं की रोटी, दलिया, चावल के अलावा प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खिलाएं। खट्टे फल अधिक मात्रा में देने चाहिए। अन्य फल भी खिलाते रहें। पानी अधिक मात्रा में पीएं। खाने में सभी तरह के मसाले प्रयोग किए जाएं। कम फैटी दूध व दही भी खिलाते रहें। मांसाहारी लोग चिकन, मछली, अंडा का सेवन करें। सब्जी काटने से पहले अच्छी तरह धुल कर बनाएं।
कोरोना संक्रमित को ये न खिलाएं
कोरोना संक्रमित को होम आइसोलेशन में मैदा, तला हुआ खाना, जंक फूड जैसे चिप्स ब्रेकरी के उत्पात व पैकेट के जूस व कोल्ड ड्रिंक न दें। नारियल, मक्खन और पॉम आयल न खिलाएं। अंडे का पीला भाग सप्ताह में एक बार दिया जाए। नानवेज सप्ताह में दो से तीन बार ही दें।
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