केंद्र सरकार के आम बजट ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों
के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है। खेती और किसानी से जुड़े लोगों का कहना है
कि सरकार योजनाएं तो सही लाई है, पर इसका क्रियान्वयन भी बेहतर ढंग से
होना चाहिए। कई सालों बाद ऐसा बजट आया है जिसमें गांवों का जिक्र अधिक है।
किसानों
ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने की सरकारी कोशिश सराहनीय है। इससे
किसानों की आर्थिक स्थिति संवरेगी। किसान बलवंत कुशवाहा ने कहा कि बजट
किसान हितैषी है। जब सब्सिडी खाते में पहुंचेगी तो बिचौलियों से मुक्ति
मिलेगी। जब किसानों को सरकार की इन योजनाओं का लाभ मिलेगा तो शहरों की तरफ
पलायन रुकेगा।
इससे शहरों पर जनसंख्या का बोझ घटेगा। किसान योगेंद्र सिंह
ने कहा कि किसानों पर भी फोकस करने का निर्णय सही है। प्राथमिक स्कूल
जलालाबाद की टीचर प्रियंका पाठक ने बताया कि बजट से महिलाओं को थोड़ी राहत
मिली है। महिलाओं के नाम से एलपीजी कनेक्शन देना सही योजना है।
गरीबों की
रसोई में छूट से गांव की महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा। कहा कि वाहन
भत्ता बढ़ाने से किराए के मकानों में रहने वालों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य
कर्मी मोनिका श्रीवास्तव ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए एक लाख रुपये का
बीमा कवर प्रदान करने की योजना अच्छी है।
स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से
गरीबों को 30 हजार रुपये तक का लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति
सुधरेगी। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत खुलने वाले मेडिकल स्टोर की
योजना भी सराहनीय है। इससे आम जनता को लाभ मिलेगा। छात्रा दीक्षा पाठक ने
कहा कि देश में नए नवोदय स्कूल खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों की मेधावी
छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
वहीं सोने की ज्वैलरी महंगी
होने से मध्यम वर्गीय महिलाओं को झटका भी लगा है। एपी पब्लिक स्कूल
जलालाबाद की छात्रा लक्ष्मी पाठक ने कहा कि पढ़ाई को बढ़ावा देना सही कदम
है। नवोदय स्कूल खोलने से गांव की लड़कियां भी पढ़ सकेंगी। बेटियों की
शिक्षा के लिए नए स्कूल अलग से खोलने पर सरकार को जोर देना चाहिए था।
ठठिया
निवासी पूर्व टीचर तेज सिंह कनौजिया ने कहा कि आजादी के इतिहास में पहली
बार बजट में गांवों को वरीयता मिली है। गरीबों के लिए अच्छा बजट है। पूर्व
सैनिक सुभाष अग्निहोत्री ने कहा कि बजट जन हितैषी रहा है। लोगों की
सुविधाओं का ख्याल रखा गया है।