ग्राम नगला मठिया की महिला ने जेठ, देवर को छोड़ने पर बुधवार को धरना खत्म कर दिया। महिला को कोल्डड्रिंक पिलाकर धरना खत्म कराया। ग्राम नगला भीम में रह रही ग्राम नगला मठिया निवासी निर्मला देवी पत्नी अजय पाल ने पुलिस के रवैए के खिलाफ तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। पीड़िता का कहना था कि वर्ष 2014 में नगला मठिया निवासी कुंवरपाल, राघवेंद्र, कलक्टर, दनिश उसके देवर विजयपाल को अपने साथ मध्य प्रदेश यह कहकर ले गए थे कि वह उनके साथ रहेगा। वह उसे पांच हजार रुपये प्रति माह देंगे।
तभी से उनका देवर लापता है। आशंका जताई कि उसके देवर की हत्या कर शव कहीं गायब कर दिया गया है। उसने मुख्यमंत्री समेत राज्यपाल, महिला आयोग व पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई न होने पर वह सोमवार से तहसील परिसर में धरने पर बैठ गई। महिला दो दिन से दिन और रात धरना स्थल पर ही खुले आसमान के नीचे पड़ी रही।
पुलिस ने रात में ही महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली और कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने महिला को एफआईआर की फोटो कापी दी। इसके बाद महिला कोतवाली से अपने जेठ व देवर को छोड़े जाने की मांग पर अड़ गई। महिला द्वारा धरना समाप्त न किए जाने से पुलिस को हिरासत में बैठे महिला के जेठ और देवर को छोड़ना पड़ा।
दो दिन बाद बुधवार को महिला ने धरना समाप्त किया। धरना स्थल पर पहुंचे अधिवक्ता अरविंद राठौर, राजेश शाक्य, राजीव हजेला, प्रमोद दुबे, नेम सिंह, ध्रुव, प्रमोद दुबे, रामप्रकाश यादव, अनुराग, रजनेश यादव, अंकित कुशवाह, दिनेश, गुलाम हुसैन, मो.अली आदि अधिवक्ताओं ने महिला को कोल्डड्रिंक पिलाकर धरना खत्म कराया।