पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने गुरुवार को सदर
कोतवाली का हालचाल जाना। मौके पर पहुंचकर उन्होंने भवन का निरीक्षण किया।
इस दौरान चहारदीवारी टूटी मिली। आवासों और शौचालयों के दरवाजे और खिड़कियां
भी क्षतिग्रस्त पाईं।
गुरुवार दोपहर बाद एसपी सदर कोतवाली पहुंचे। यहां
उन्होंने सबसे पहले कार्यालय का निरीक्षण किया और मुंशी से कोतवाली की
समस्याएं पूछीं, पर एक भी मुंशी समस्या नहीं बता सका। बाद में उन्होंने खुद
निरीक्षण करना शुरू किया। कार्यालय के ऊपर दूसरी मंजिल पर बने आवास में
पाया कि दरवाजे व खिड़कियां टूटे और लटक रहे हैं।
इस पर कोतवाल श्यामवीर
सिंह व एसएसआई वीके गौतम को बुलाकर तत्काल मरम्मत संबंधी समस्त कार्यों की
सूची तैयार करने को कहा, ताकि बजट आवंटित किया जा सके। एसपी ने आवासीय
परिसर का निरीक्षण किया तो पता चला कि शौचालय के दरवाजे व खिड़कियां भी
टूटी हैं। इसके अलावा कोतवाली की बाउंड्रीवाल कई स्थानों पर पूरी तरह से
जमींदोज पाई गई।
इसका भी स्टीमेट तैयार कराकर पेश करने को कहा। किचन
में एडजास्ट लगवाने को कहा। महिला आवासों में शौचालय की मरम्मत कराने को
कहा। इसके अलावा शस्त्रों के रखरखाव के लिए रैक बनवाने के निर्देश दिए। कहा
कि इन सभी कार्यों का स्टीमेट बनाकर अलग-अलग प्रार्थनापत्रों में उनके
सामने पेश करें। वर्तमान में मुहैया बजट स्वीकृत किया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो
शासन से और बजट मांगा जाएगा। उधर, सदर कोतवाली का निरीक्षण करने आए एसपी
ने कहा कि पूरे जिले में यातायात व्यवस्था के लिए लगाए गए जगह-जगह बैरियर
टूटे पड़े हैं। संबंधित क्षेत्रों के थाना व कोतवाली प्रभारी इन बैरियरों
को एकत्र कराएं और जो बैरियर टूटे हों उन्हें तत्काल पुलिस लाइन में भेजें,
जिससे सभी बैरियर दुरुस्त कराए जा सकें।