कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में राशन आपूर्ति
के लिए ठेकेदारों से आवेदन मांगे गए थे। आवेदन डालने का समय शनिवार सुबह
ग्यारह बजे तक था। इसके बाद बक्सा सील कर लिया गया। तय समय के बाद पहुंचे
कुछ लोगों ने बक्से की सील तोड़कर आवेदन डाल दिया। इस दौरान उनकी शिक्षा
विभाग के कर्मचारियों के साथ जमकर बहस भी हुई।
विदित हो कि जिले
में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में राशन की
आपूर्ति करने के लिए ठेकेदारों से आवेदन मांगे गए थे। शनिवार को 11 बजे
आवेदन करने का अंतिम समय था। समय खत्म होने के बाद राशन वितरण का काम लेने
के इच्छुक कुछ दबंग बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तर पहुंचे।
जब
कर्मचारियों ने समय समाप्त होने का हवाला दिया तो उनके साथ अभद्रता की। साथ
ही बक्से की सील तोड़कर जबरन अपना आवेदन डाल दिया। सहायक वित्त एवं
लेखाधिकारी महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि समय खत्म होने के बाद कुछ
लोग आए और बक्से की सील तोड़कर आवेदन डाल दिया।
मामले से
उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बताया कि टेंडर खुलने का समय 12
बजे निर्धारित था लेकिन बीएसए की लखनऊ में बैठक लगी होने से टेंडर खुलने की
प्रक्रिया टल गई। बीएसए रामकरन यादव से इस संबंध में बातचीत की तो
उन्होंने बताया कि मामले से उनको अवगत कराया गया है।
शिक्षा विभाग
में इस तरह का कार्य घोर निंदनीय है। सरकारी कार्य में बाधा डालने का
प्रयास किया गया है। डीएम और सीडीओ से बातचीत के बाद वैधानिक कार्रवाई कराई
जाएगी। सीडीओ उदयराज यादव ने कहा कि मामले में जो उचित कार्रवाई होगी,
कराई जाएगी।