फोटो :29: अलीगढ़-कानपुर हाईवे पर पैदल जा रहा मैथ्यूज। संवाद
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गुगरापुर (कन्नौज)। कहते हैं कि दुनिया को देखने के लिए सिर्फ आंखों की नहीं बल्कि एक बड़े दिल और मजबूत इरादों की जरूरत होती है। पोलैंड के 33 वर्षीय मैथ्यूज कामिल कुछ ऐसे ही इरादों के साथ पैदल ही इत्रनगरी पहुंच गए हैं। गुरुवार शाम जब वह गुरसहायगंज के मिरगावां हाईवे कट पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
मैथ्यूज ने बताया कि यूरोपीय देशों में अक्सर एशिया और भारत की छवि को गलत ढंग से पेश किया जाता है लेकिन हकीकत इसके उलट है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भारत में तो हर कदम पर कोई न कोई मुझे चाय या कॉफी के लिए बुला लेता है। यहां के लोग बेहद मिलनसार और मददगार हैं। मैं अपने देश जाकर सबको बताऊंगा कि भारत के लोग कितने खुले दिल के हैं। यहां अतिथि को देवताओं की संज्ञा दी गई है।
मैथ्यूज कामिल ने 15 नवंबर 2024 को पोलैंड से अपनी अविश्वसनीय यात्रा की शुरुआत की थी। वह अब तक कई देशों का भ्रमण कर चुके हैं जिनमें स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया, बुल्गारिया, तुर्की, जॉर्जिया, अजरबैजान, कजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और अफगानिस्तान शामिल हैं। अफगानिस्तान में पाकिस्तानी वीजा प्राप्त करने में असमर्थता के बाद उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी और अमृतसर से भारत में अपनी यात्रा का अगला चरण शुरू किया। भारत में मैथ्यूज ने अमृतसर, दिल्ली और आगरा जैसे ऐतिहासिक शहरों का भ्रमण किया है। उनकी योजना 14 अप्रैल तक भारत में रहने की है।
नौ मार्च को उनके मित्र दो सप्ताह के लिए भारत आने वाले हैं जिनके साथ वह किराये की कार से देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करेंगे। मित्रों के जाने के बाद मैथ्यूज फिर से पैदल ही नेपाल की ओर प्रस्थान करेंगे। उनकी लंबी यात्रा की योजना बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, चीन और अंततः जापान तक जाने की है। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में कांस्टेबल इरशाद मलिक और विशाल गिरि ने मैथ्यूज को सुरक्षित रूप से थाना क्षेत्र की सीमा तक पहुंचाया।