तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव कटरा वहसार में नौ
नवंबर 15 को एक ग्रामीण की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है।
हत्या की मुख्य वजह टेंपो बिक्री के पैसे लूटने के दौरान हुआ विरोध था।
मामले में मृतक के सगे भांजे की भी भूमिका पाई गई है, पर वह फरार हो गया।
उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मामा की हत्या करने के बाद 50 हजार रुपये
लूटे थे। एएसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा की
है। सोमवार को घटना का खुलासा करते हुए एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया
कि कटरा वहसार गांव के रामेश्वर की हत्या नौ नवंबर को कर दी गई थी।
शव को
गांव के बाहर तालाब के किनारे डाल दिया गया था। शरीर में कहीं पर भी चोट के
निशान न होने से मामला संदिग्ध था। रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई
थी। इस पर सीओ तिर्वा सुरेंद्र पाल सिंह को मामले की जांच सौंपी गई। जांच
के दौरान चार आरोपी धर्मपाल उर्फ धर्मदास पुत्र रामआसरे निवासी कटरा वहसार
के अलावा गुड्डू वर्मा, अनिल कहांर और रामेश्वर का भांजा विक्रम निवासी
दनियापुर खैरनगर थाना ठठिया के नाम प्रकाश में आए।
इसके आधार पर मृतक की
पत्नी रामकुमारी ने तिर्वा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एएसपी के
मुताबिक तिर्वा कोतवाल बीएल यादव ने पुलिस टीम के साथ संयुक्त रूप से छापा
मारकर इंदरगढ़ तिराहा तिर्वा से घटना को अंजाम देने वाले आरोपी धर्मपाल
उर्फ धर्मदास को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके साथी गुड्डू, विक्रम व अनिल
फरार हो गए।
पूछताछ के दौरान धर्मदास ने बताया कि रामेश्वर ने अपना एक
टेंपो बेचा था। उसके बदले उसे 50 हजार रुपये मिले थे। इन रुपयों को लूटने
के इरादे से शाम के समय उसे गांव के बाहर तालाब के किनारे शराब पिलाई गई।
इसके बाद चारों ने मिलकर उसका मुंह दबा दिया और रुपये छीन लिए। इस दौरान दम
घुटने से उसकी मौत हो गई।