जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार को जनपद स्तरीय 600 शिक्षकों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य ने कहा कि किताबी ज्ञान से ज्यादा व्यवहारिक ज्ञान होना अति आवश्यक है। प्रशिक्षण समाप्त हो जाने के डाक्टरों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही शिक्षिकाओं को सेनेटरी नैपकिन भी वितरित किए।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी मास्टर ट्रेनर अंजली तिवारी और रिचा त्रिपाठी ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में जनपद स्तरीय 600 शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि निरोगी शरीर से लोगों में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से संतुलित विकास होता है। ट्रेनरों ने तनाव रहित, हंसमुख, मिलनसार, सक्रिय-क्रियात्मकता, बौद्धिकता, नियमित दिनचर्या, भरपूर गहरी नींद, प्रतिरोधक क्षमता, सकारात्मक सोच, ऊंचाई और आयु के अनुसार के भार आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान डायट प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान से ज्यादा सभी को व्यवहारिक ज्ञान होना भी अति आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान सीएचसी के डाक्टरों की टीम भी मौजूद रही। डाक्टरों ने भी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के संबंध में विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद डाक्टरों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही शिक्षिकाओं को सेनेटरी नैपकिन भी वितरित किए। इसके साथ ही वरिष्ठ प्रवक्ता सुनील चतुर्वेदी, विनोद राठौर, बलवीर सिंह यादव, परशुराम, सुलभ कटियार, प्रशांत आदि मौजूद रहे।