विकास खंड तालग्राम के रनवां मतदान केंद्र पर दोपहर
करीब दो बजे फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में नोकझोंक
के बाद गालीगलौच शुरू हो गई। चंद मिनटों में ही लोग मारपीट करते हुए पथराव
करने लगे। ईंट-पत्थर चलने से अफरातफरी मच गई। बचने के लिए जिसे जहां जगह
मिली वह उधर ही भाग खड़ा हुआ।
बवाल के कारण करीब 20 से 25 मिनट तक मतदान
प्रक्रिया बाधित रही। सूचना पाकर एसओ मो. इमरान खां, क्लस्टर टीम के
दरोगा संजीव चौहान, अनवर अहमद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस
ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा। लाठियां चलने पर उपद्रवी बचने के
लिए आलू के खेतों से होकर भागे।
इस दौरान दरोगा अरुण कुमार आरोपियों को
पकड़ने को भाग रहे थे, तभी उनके सिर में पत्थर लगा और वहीं पर गड्ढे में
पैर चला जाने के कारण वह गिर पड़े, इससे पैर में मोच आ गई। आननफानन में
उन्हें ड्यूटी से मुक्त करके थाने भिजवाया गया। उधर, पुलिस ने ग्राम प्रधान
पद के प्रत्याशी सरजू पाल समेत दो लोगों को पुलिस ने उपद्रव करने के आरोप
में गिरफ्तार कर थाने भेजा। शांति व्यवस्था बहाल होने के बाद इस मतदान
केंद्र पर दोबारा वोटिंग शुरू हो गई।
वहीं फिरोजपुर मतदान केंद्र पर दो
प्रत्याशियों के एजेंटों के बीच गालीगलौच होने लगी। एक-दूसरे को धमकी
देने से माहौल बिगड़ने लगा तो पुलिस ने दोनों को मतदान केंद्र से बाहर
निकाल दिया। कुशलपुरवा मतदान केंद्र पर प्रधान पद की प्रत्याशी सुषमा ने
दूसरे प्रत्याशियों पर फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए अफसरों से शिकायत की।
इस पर भारी पुलिस बल दरोगा दीपक कुमार, तहसीलदार तिर्वा ऋषिकांत राजवंशी
के साथ मौके पर पहुंचे। यहां मतदान केंद्र के बाहर भीड़ लगाए लोगों को
लाठियां पटककर खदेड़ा गया। माधौनगर मतदान केंद्र पर राजेश कुमार के नाबालिग
होने के बावजूद वोट डालने पर विवाद शुरू हो गया।
इस पर प्रत्याशी नोकझोंक
करने लगे। यहां प्रत्याशी योगेंद्र भदौरिया ने दरोगा पर भेदभाव कर नाबालिग
का वोट डलवाने का आरोप लगाया। यहां भी पुलिस बल को बुलाकर हंगामा कर रही
भीड़ को भगाया गया। मवइया व तिसौली में भी फर्जी वोटिंग को लेकर
प्रत्याशियों के समर्थकों में तू-तू-मैं-मैं हो गई।