फोटो:43: महादेवी घाट पर दिखाई दे रहा गंगा का रौद्र रूप। संवाद
कन्नौज। कटरी इलाके में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। जलभराव के चलते फसलें डूब गईं, कई रास्ते बंद हो गए। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर बीमार ग्रामीणों की जांच की और दवाएं वितरित कीं।
प्रशासन द्वारा बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। रविवार को नरौरा बांध से 67,667 व सोमवार को 64,283 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर 48 घंटे में देखने को मिलेगा।
जलभराव के चलते खेतों में खड़ी धान और अन्य फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। कासिमपुर, कटरी गंगपुर, बक्सीपुर्वा, गुमटिया आदि गांवों के अंदर गलियों और घरों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित है। बच्चे और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा रोग से पीड़ित लोगों को दवाएं वितरित की गईं। चिकित्सकों ने लोगों को उबला पानी पीने और जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा है। लेखपाल और ग्राम प्रधानों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं।
सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार को नरौरा बांध से 67,667 क्यूसेक और सोमवार को 64,283 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर अगले 48 घंटे में कटरी क्षेत्र में देखने को मिलेगा। राजस्व विभाग की टीम गांवों में नुकसान का आकलन कर रही है। पशुपालन विभाग ने पशुओं के चारे और दवाओं की व्यवस्था की है। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
फोटो:43: महादेवी घाट पर दिखाई दे रहा गंगा का रौद्र रूप। संवाद