फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरे आश्वासनों से निराश अन्नदाता

Mon, 13 Apr 2015 12:07 AM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला प्रशासन और शासन के कोरे आश्वासनों से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते उनको मुआवजे की पूरी रकम नहीं मिल रही है। लेखपाल और प्रधान की मिलीभगत से राहत राशि का बंदरबांट हो रहा है।
विज्ञापन


हैवतपुर गांव निवासी किशन मिश्रा का कहना है कि उनको प्रति बीघा के हिसाब से 720 रुपये की चेक दी गई। जबकि दूसरे किसानों को अधिक की चेक मिली है। रघुनाथपुर निवासी ईश्वर सिंह, जलालाबाद रघुवीर चंद्र, गुगरापुर निवासी रणवीर सिंह, गुगरापुर निवासी इकबाल, उमगरा निवासी अशोक का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल खोजे ही नहीं मिलते हैं।

अभी तक उनके खेतों का सर्वे पूरा नहीं हुआ है। हसेरन ब्लाक के गांव अरुहो निवासी तेजराम शाक्य का कहना है कि उनके गांव के राजस्व अभिलेख जल गए थे। इस कारण लेखपाल ने सर्वे ही नहीं किया। करौंदा शाहनगर निवासी श्रीधर पांडेय, सिंहपुर मुकेश कुमार, जसौली निवासी आरिफ अली, लुखरइया निवासी आरिफ अली, टड़ियापुर निवासी आशीष कुमार, रेरीरामपुर निवासी अवनीश कुमार पांडेय, दौलताबाद निवासी इंद्रेश चौहान, काशीदीनपुर निवासी धमेंद्र सिंह, राजपुर निवासी रामपाल, बिरौली रामरुप, देवीपुर राम सिंह का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल सर्वे के कार्य में भारी उदासीनता बरत रहे हैं।
विज्ञापन


गांव के जो बड़े किसान हैं, उनके खेतों का सर्वे कार्य सबसे पहले पूर्ण कर लिया गया। उन लोगों के नाम शामिल ही नहीं किए जा रहे हैं। भंवरगाढ़ा के योगेंद्र कुमार, गुगरापुर के सुरेश यादव, घासीपुर्वा गांव के उमेश यादव, भंवरगाढ़ा के धमेंद्र, राजपुर के घनश्याम गुप्ता, विजयपाल, दिनेश कुमार शाक्य, सत्यराम शाक्य, अजय सिंह वैस, छेदालाल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता के खेतों का क्षेत्रीय लेखपाल ने सर्वे नहीं किया। सौरिख ब्लाक के मझगवां के मनीष सिंह, हसेरन के सुनील, सत्यपाल, जलालाबाद के जगदीश चंद्र यादव, बिरौली के राजकुमार, बल्लूपुर्वा के हरीराम के खेतों का अभी तक सर्वे नहीं किया गया।

किसानों का आरोप था कि लेखपाल पहले तो खोजे नहीं मिलते, मिलने पर वह किसानों के साथ सही पेश नहीं आते है। कई किसानों ने कहा कि लेखपाल ने उनकी शिकायत पुलिस में भी दर्ज करा दी। उधर इस मामले में प्रभारी सर्वे नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार राठौर का कहना है कि उनके पास 33 राजस्व ग्राम है। इसमें 17 ग्रामों की चेक वितरण का कार्य पूरा हो चुका है। शेष में सर्वे की कार्रवाई जारी है। कहा कि जिन क्षेत्रीय लेखपालों की ओर से उदासीनता बरती जा रही है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सर्वे में देरी से बची फसल भी बर्बाद
सर्वे कार्य में हो रही देरी से किसानों ने अभी तक अपने खेतों से गेहूं की फसल की कटाई नहीं की है। किसानों का कहना है कि वह पहले ही पूरी तरीके से बर्बाद हो चुके हैं, अब सर्वे न होने से वह दूसरी फसल की बुआई भी नहीं कर पा रहे।

एसडीएम को जांच के दिए आदेश
अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र यादव के पास कई किसानों ने ग्राम प्रधानों के घर पर बैठकर सर्वे कार्य पूरा किए जाने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। जिस पर तीनों तहसीलों के एसडीएम को अपर जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं कि वह इस बात की जांच करा लें कि क्षेत्रीय लेखपाल सर्वे करने के लिए खेतों पर पहुंच रहे हैं या नहीं। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो लेखपाल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें।

किसानों ने दर्ज कराई शिकायतें
शनिवार के अंक में संवादादाता योगेंद्र बघेल के मोबाइल नंबर 8954893156 पर करीब आधा सैकड़ा से अधिक किसानों ने सर्वे नहीं किए जाने सहित कई मुद्दों की शिकायत प्रमुखता से दर्ज कराई।

प्रति बीघा मिलेगा 1458 रुपया
एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि नए निर्देशों के तहत अब 33 फीसदी तक फसल की बर्बादी पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। लेखपालों पर पूरी सख्ती बरती जा रही है। जहां पर कोई भ्रष्टाचार का मामला उजागर होगा क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि प्रति बीघा 1458 रुपये की राहत चेक मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें