भाजपा में टिकट वितरण पर असंतोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रोफेसर रामबख्श सिंह वर्मा व व टिकट के दावेदार पुत्र आलोक वर्मा ने समर्थकों के साथ कस्बे के सिद्धपीठ रामेश्वरम धाम मंदिर में बैठक की। बैठक के बाद समर्थकों के साथ किसान इंटर कालेज से तिर्वा-कन्नौज मार्ग होते हुए डीएन कोलज तक शांति मार्च निकाला। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से टिकट बदले जाने की मांग की।
रामेश्वरम मंदिर में दोपहर 12 से 2 बजे तक चली बैठक के दौरान पूर्व सांसद प्रोफेसर वर्मा ने भाजपा के बड़े नेताआें पर आरोप लगाया कि टिकट देने से पहले संगठन ने चार सर्वे करवाए थे। सभी सर्वे में उनके पुत्र आलोक वर्मा की दावेदारी प्रथम स्थान पर थी। इसके बावजूद टिकट नहीं दिया गया।
इससे भाजपा के कार्यकर्ताओं में मायूसी है। आलोक वर्मा ने कहा कि वह अपने समर्थकों से निर्दलीय चुनाव लड़ने के बारे में राय जान रहे हैं। कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने उनसे चुनाव लड़ने को कहा तो वे निश्चित तौर पर चुनाव लड़ेंगे। अभी उनकी मंशा तिर्वा की जनता व समर्थकों का संदेश पार्टी के हाईकमान तक पहुंचाने की है। विदित हो कि आलोक वर्मा 24 जनवरी को चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र ले चुके हैं।
बिना अनुमति निकाला शांति मार्च
तिर्वा। पूर्व भाजपा सांसद प्रोफेसर रामबख्श सिंह वर्मा व उनके पुत्र आलोक वर्मा ने बिना अनुमति बैठक और शांति मार्च निकाला। एसडीएम राजेश कुमार यादव ने बताया कि प्रोफेसर वर्मा उनके पास अनुमति मांगने के लिए आए थे। प्रार्थना पत्र भी दिया था, पर अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मामले में तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार सिंह को रिपोर्ट देने को कहा गया है।