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मुआवजे के लिए पक्षी विहार में डाले ताले

Mon, 14 Sep 2015 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
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लाख बहोसी पक्षी विहार की झील बनाने के दौरान ली गई जमीन का मुआवजा न देने का आरोप लगा एक वृद्धा ने परिजनों की मदद से पक्षी विहार कार्यालय के कमरों में ताले डाल दिए। उसके समर्थन में दर्जनों ग्रामीणों ने भी मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी की। शासन प्रशासन से बकाया मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे की मांग पूरी न होने तक तालाबंदी जारी रखने की चेतावनी दी है।
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बहोसी निवासी वृद्धा सोमवती ने रविवार को पक्षी विहार के मुख्य कार्यालय, मुख्य प्रवेश द्वार, मीटिंग हाल, संग्रहालय भवन, पक्षी बिहार झील का नजारा देखने के लिए बने वाच टावर आदि स्थानों पर ताले डलवा दिए। इसके बाद वह पक्षी विहार परिसर में बने पार्क में चारपाई, बिस्तर समेत डट गई। यहीं उसने चूल्हा जलाया और खाना पकाकर खाया।

महिला सोमवती ने बताया कि 31 साल पहले उनके पति बेंचेलाल की मौत हो गई थी। उसने बीड़ी बनाकर अपने बच्चों को पाला है। उसका दावा है कि जो पार्क बना है वह उसकी जमीन पर है। उसकी एक एकड़ जमीन 80 के दशक में ले ली गई थी, लेकिन बदले में फूटी कौड़ी तक मुआवजे के रूप में नहीं मिली।
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मामले की जानकारी पाकर सोमवती के समर्थन में गांव के दर्जनों ग्रामीण भी आ गए। बहोसी निवासी आशा देवी ने नौ बीघा जमीन, आजाद ने 10 बीघा, सिपाहीलाल ने 18 बीघा, वैजनाथ ने 10 बीघा, जय किशन ने 10 बीघा, लाखन सिंह ने 15 बीघा जमीन पक्षी विहार के लिए लेने और बदले में कुछ भी न देने का आरोप लगाया। ग्रामीण माया देवी, सुशीला, लल्लू ने कहा कि उनकी भी कई बीघा जमीन ली गई थी पर मुआवजा नहीं मिला।

जब अन्य विकास योजनाओं के लिए सरकार मुआवजा दे रही है तो उन्होंने भी अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पक्षी बैठते हैं वह उनकी जमीन है। पहले वे इस पर खेती करते थे। उनकी जमीन पर 80 के दशक में खुदाई कराई गई थी। इससे जमीन गहरी हो गई थी, जिस कारण उसमें पानी भरने लगा और उसने झील का रूप ले लिया।

तब उन्हें आश्वासन दिया गया था कि बदले में जमीन, मुआवजा व परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। आज तक कुछ भी नहीं मिला। ग्राम सभा बहोसी के प्रधान जगदीश सिंह यादव का कहना है कि मुआवजे का यह मामला 1980 का है। उनके कार्यकाल में कभी मुआवजा संबंधी कोई बात सामने नहीं आई। वह मौके पर जाएंगे और लोगों को समझाएंगे।

एसडीएम व थानेदार बोले जानकारी नहीं
तिर्वा/इंदरगढ़। एसडीएम महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। यदि पक्षी विहार परिसर में बने कक्षों में तालाबंदी की गई है तो तत्काल छानबीन कराकर उचित कदम उठाएंगे। उधर थानाध्यक्ष इंदरगढ़ आरपी पांडेय ने कहा कि पक्षी विहार में ग्रामीणों के प्रदर्शन या तालाबंदी की जानकारी नहीं है। कोई शिकायत करने भी नहीं आया है।

खुले में रहने को मजबूर चौकीदार
इंदरगढ़। पक्षी बिहार में तैनात चौकीदार करन सिंह ने बताया कि उनके बिस्तर कमरे में बंद है। खाने पीने की सामग्री भी कमरे में बंद हैं। मजबूरी में वह खुले आसमान के नीचे बीती रात सोया। विभागीय उच्चाधिकारियों को तालाबंदी की सूचना दे दी है। वन दारोगा राम बाबू तोमर को मामले से अवगत करा दिया गया है। सोमवार की शाम तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
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डीएम के सामने अपनी बात रखें ग्रामीण
इंदरगढ़। वन दारोगा रामबाबू तोमर का कहना है कि मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा तालाबंदी की जानकारी मिली है। कुछ लोग ग्रामीणों को भड़का रहे हैं। जमीन का दावा करने वाले ग्रामीणों को डीएम के सामने जाकर अपनी मुआवजा संबंधी बात रखनी चाहिए।
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