राजकीय मेडिकल कालेज में बायो कचरा का निस्तारण न होने पर नाराज हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के कड़े निर्देश के बाद गुरुवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी तिर्वा ने मेडिकल कालेज पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने पाया कि जनरल वार्ड के स्टोर रूम में बंद बायो कचरे को वहां से हटा दिया गया है। कचरा निस्तारण के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन ने दो बड़ी टंकियां खरीदकर कचरे को उसमें पॉलिथीन में पैक कराकर रख दिया है।
विदित हो कि बुधवार को सपा नेताओं की शिकायत के बाद चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव अनूप पांडेय, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक डा.वीएन त्रिपाठी ने मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने पाया कि बायो कचरा का निस्तारण नहीं किया गया था। यह कचरा स्टोर रूम में बंद था। इस वजह से कई वार्डों में बदबू पहुंच रही थी।
इस पर प्रमुख सचिव व डीएम ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया व सीएमएस डा.दिलीप सिंह से गहरी नाराजगी जताते हुए तत्काल कचरे का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी गुरुवार की सुबह दस बजे मेडिकल कालेज पहुंचे।
यहां वह पीआरए भवन में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मेडिकल कालेज के सीएमएस डा.दिलीप सिंह को बुलवाया। उनसे कचरा निस्तारण के बारे में जानकारी की। इस पर सीएमएस ने बताया कि स्टोर रूम से कचरे को हटा दिया गया है। सीएमएस ने बताया कि मेडिकल कालेज के बायो कचरे के निस्तारण के लिए कानपुर की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। उसकी गाड़ी आकर कचरे को ले जाती थी। पिछले तीन दिनों से गाड़ी नहीं आई थी।
इस वजह से कचरे को स्टोर रूम में रखवाया गया था। उन्होंने बताया कि अब कचरे के निस्तारण के लिए दो बड़ी टंकियां मंगा ली गई हैं। बायो कचरे को पॉलिथीन में पैक करके इन टंकियों में मेडिकल कालेज के बाहर रखा दिया गया है।