बाइक से अन्ना मवेशियों को खदेड़ते किसान।
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गुगरापुर (कन्नौज)। हाड़ कंपकंपाने वाली सर्द रातों में किसान फसल बचाने के लिए एक हाथ में टार्च तो दूसरे में लाठी लेकर रखवाली कर रहे हैं। किसानों को डर है कि अगर वह सर्दी के कारण खेतों में नहीं गए तो अन्ना मवेशी फसलों को चौपट कर देंगे।
डीएम से लेकर सीएम के आदेशों के बाद भी अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर अन्ना मवेशियों को पकड़कर गोशाला पहुंचाने के आदेश दिए थे। मातहतों ने शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाया। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान ठंडा रहा। अन्ना पशुओं के झुंड फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसान मड़ैया या मचान बनाकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसान दिन-रात जाग कर पहरा दे रहे हैं। सूरज ढलते ही एक हाथ में टार्च तो दूसरे में लाठी लेकर खेतों में पहुंच जाते हैं।
संचालित हैं नौ अस्थायी गोशालाएं
विकास खंड गुगरापुर के इस्माइलपुर डिगन, फराहरन, चांदापुर, राजूपुर, कुसुमखोर, गुगरापुर, मांछा, इब्राहिमपुर और वारामऊ में गोशालाएं बनाई गई हैं।
गुगरापुर क्षेत्र में अन्ना गोवंश नहीं घूम रहे हैं। पशुपालक अपने पशुओं चरने के लिए छोड़ देते हैं। इन पशुपालकों को चेतावनी जारी की जाएगी। अगर इस तरह के मवेशी घूमते मिले तो पशुपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जेएन राव, खंड विकास अधिकारी।