ग्राम कुंवरपुर बनवारी में नाले को बंद करने के विवाद
में दो समुदाय के लोगों के बीच विवाद हो गया। गालीगलौच के साथ जमकर
ईंट-पत्थर चले। दोनों ओर से हुए पथराव में एक पक्ष की दो महिलाएं घायल हो
गईं। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण मौके पर कई थानों का फोर्स
पहुंच गया।
देर रात तक मामले में पुलिस अधिकारी जांच में जुटे हुए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कुंवरपुर बनवारी में शनिवार की देर शाम उस
समय हड़कंप मच गया, जब नाला बंद करने को लेकर अचानक पथराव शुरू हो गया।
पथराव होते ही भगदड़ मच गई। इस दौरान गांव की अंजना पत्नी कन्हैया व
रामकुमारी पत्नी राजकुमार घायल हो गईं।
दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष की
जानकारी मिलते ही सीओ वीपी सिंह सोलंकी, कोतवाल आरपी पांडेय पुलिस बल समेत
मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण देखकर मौके पर विशुनगढ़ और सौरिख थाने की
फोर्स को भी बुला लिया गया। इस बाबत ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुछ
लोग कब्रिस्तान की जमीन को जेसीबी मशीन से लेबलिंग करा रहे थे।
देर शाम
उन लोगों ने कब्रिस्तान के पास से निकले गांव के नाले को भी पाटना शुरू कर
दिया। नाला बंद होते देख गांव के कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया।
इस पर दूसरे पक्ष के लोग गालीगलौच कर झगड़े पर आमादा हो गए। कुछ ही देर
में विवाद ने तूल पकड़ लिया और फिर दोनों पक्षों में जमकर ईंट पत्थर चलने
शुरू हो गए, जिससे भगदड़ मच गई।
पथराव में दो महिलाएं घायल हो गई।
ग्रामीणों का कहना था कि इस नाले में पूरे गांव का पानी जाता है। यदि नाला
बंद कर दिया गया तो बरसात के दिनों में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना
पड़ेगा। उधर, दूसरे पक्ष के लोगों का कहना था कि वह लोग एसडीएम के आदेश पर
काम करा रहे थे, जबकि ग्रामीणों का कहना था कि इस गांव के राजस्व अभिलेख
जले हुए हैं।
गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद पहुंचे पुलिस
बल को देख हमलावर भाग निकले। देर रात एक पक्ष के लोग कोतवाली पहुंच गए,
जबकि पुलिस अधिकारी दूसरे पक्ष के लोगों की तलाश में जुटे थे। देर रात तक
मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
पुलिस जेसीबी को अपने
कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई थी। इस बारे में सीओ वीपी सिंह सोलंकी ने
बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद ही
कोई कार्रवाई की जाएगी।