कन्नौज। योग और काली नदी के प्रदूषण पर सवाल उठाने वाले सपा मुखिया पर पूर्व सांसद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कन्नौज से सांसद होने के नाते स्वयं अखिलेश यादव को भी काली नदी में डुबकी लगानी चाहिए। आखिरकार उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। अपने एक साल के कार्यकाल में उन्हाेंने इत्रनगरी के विकास में कितना योगदान दिया, यह भी जनता को बताना होगा। हर कार्य में अब सांसद की जवाबदेही तय होगी।
रविवार को मकरंदनगर स्थित कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र में आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिले के विकास की बात नहीं की। केवल सम्राट हर्षवर्द्धन, माता अहिल्याबाई होल्कर की सोने की प्रतिमा और महाराणा प्रताप का भाला सोने का लगवाने की घोषणा की। उन्हें उनका वजन और आकार भी बताना चाहिए था। कोरी घोषणा करने से क्या फायदा होगा। इनके अलावा और भी महापुरुष हैं, जिले मेंं उनकी प्रतिमा लगवाने की घोषणा क्यों नहीं की। इन प्रतिमाओं को लगवाने के लिए फंड कहां से आएगा, इसकी भी सांसद को जानकारी देनी होगी।
संभल में दंगाइयों को सपा मुखिया ने पांच-पांच लाख रुपये दिए, वह रुपये कहां से आए। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कन्नौज में साइकिल फैक्टरी लगाने की घोषणा की थी। आज तक न तो साइकिल फैक्टरी बनी और न ही आलू आधारित उद्योग लगा। उमर्दा स्थित काऊ मिल्क प्लांट सपा की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया। सपा नेताओं ने उसमें दस प्रतिशत कमीशन खाया है। काऊ मिल्क प्लांट इसलिए नहीं चला कि अखिलेश हमेशा गोकशी करने वालों के साथ रहते हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, जिला उपाध्यक्ष जीतू तिवारी, श्यामू प्रजापति, भाजपा नगर अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी शरद मिश्रा उपस्थित रहे।
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सपा ने केवल नवाब सिंह यादव को बनाया
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने जिले में कोई भी विकास नहीं किया, केवल नवाब सिंह यादव को बनाया। सपा ने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया। भाजपा सरकार ने बाबा साहब के नाम पर फिर उसे कर दिया। इसी तरह बिधूना में इंटर कॉलेज का नाम राजमाता अहिल्याबाई होल्कर पर कर दिया, जबकि सपा सरकार ने इसका नाम बदल दिया था। महापुरुषों को अपमानित करना सपा के डीएनए में शामिल है।