संत निरंकारी आश्रम में सेवादल के स्वयंसेवकों ने
मैदान को समतल करने के लिए श्रमदान किया। उधर, सभागार में महिलाओं व अन्य
भक्तों ने प्रवचन सुने।
सेवादल प्रभारी सुशील बाबू के निर्देशन में
स्वयंसेवकों ने सभागार के बाहर मैदान को समतल करने को श्रमदान किया। सेवादल
प्रभारी ने बताया कि 23 फरवरी को सदगुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज का जन्म
दिवस है। इस दिन नगर में किसी एक जगह का चयन कर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
उधर, सभागार में प्रवचन करते हुए चेन्नई से आए महात्मा आरपी सिंह ने कहा कि
ज्ञान के बिना मानव को भटकना पड़ता है। कहा कि संतों की संगत से भक्ति का
दायरा बढ़ता है और सत्य की अनुभूति से ही वास्तविक मुक्ति संभव है।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए दर-दर भटक रहा है, पर उसे
यह नहीं मालूम कि उसकी मंजिल कहां है।
कहा कि वह अपना हीरे जैसा जन्म
कौड़ियों में गंवा रहा है। संतों ने हमेशा मानव को सत्य की ओर अग्रसर होने
की प्रेरणा दी है और परमेश्वर का ज्ञान मानव तक पहुंचाने का कार्य करते आए
हैं। कहा कि शरीर से पहले तकदीर बनती है और तकदीर से पहले कर्म बनता है।
कहा कि कर्म सही है तो मन सही रहेगा और मन सही है तो शरीर सही रहेगा।
कहा
कि मानव में बदलाव सत्संग से ही आता है और जीवन के कष्ट भी सत्संग से ही
दूर होते हैं। जब सद्गुरु का दीदार होता है तब मानव का भटकना समाप्त हो
जाता है। महात्मा राकेश राठौर के संचालन में हुए कार्यक्रम में अन्य भक्तों
ने भी भजन और विचार पेश किए।