पुलिस कार्रवाई से नाराज वकील चार दिनों से हड़ताल पर हैं। शनिवार को भी हड़ताल रही लेकिन इसका असर मिला-जुला रहा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष के नेतृत्व में चल रही हड़ताल में वकीलों ने न्यायालय का मुख्य दरवाजा बंद रखा। न्यायिक कार्य से भी वकील पूरी तरह विरत रहे। दूसरी ओर कुछ वकील अपने वादकारियों को कोर्ट से मामले की तारीखें देते दिखे। मंगलवार को गैंगस्टर के आरोपी को कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय सिपाही बब्लू से अधिवक्ताओं की कहासुनी व मारपीट हो गई थी।
इस मामले में सदर कोतवाली से एक नामजद व पांच अज्ञात पर एससी, एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस पर उसी रात पुलिस टीम ने वकीलों के घर दबिश दी। इससे नाराज वकील हड़ताल पर आ गए। शनिवार को नजारा अलग दिखा। वादकारियों में मायूसी नहीं दिखी, सभी के काम होते नजर आए। कुछ वकील वादकारियों को कोर्ट ले जाकर उन्हें सुनवाई के लिए अगली तारीख दिलाते रहे। वहीं कड़ा रुख अपनाए वकीलों को भी वादकारी मनाते दिखाई दिए।
कुछ वादकारियों ने मिन्नतें क र किसी तरह से कोर्ट ले जाकर उन्हें सुनवाई के लिए अगली तारीख दिलवा ही दी। वहीं दूसरी ओर कई वादकारियों को दिन भर के इंतजार के बाद मायूस भी लौटना पड़ा।