बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के संबंध में चलाए जा रहे अभियान में प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं होगी। गोद लिए गए गांव के बारे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने आवंटित गांवों में अचानक पहुंचकर निरीक्षण करें। खाद्य सुरक्षा योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में कुपोषित बच्चों के परिजनों से जानकारी लें।
बैठक के दौरान मातृत्व सप्ताह में लक्ष्य के सापेक्ष चिन्हित गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 960 हाईरिस्क प्रेगनेंसी महिलाएं पाई गईं। इनमें 729 महिलाओं की जांच की जा चुकी है। डीएम ने उमर्दा व जलालाबाद ब्लाक समेत अन्य ब्लाकों की अवशेष हाई रिस्क महिलाओं की तत्काल जांच कराने के निर्देश प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बीएचएनडी दिवस के आयोजन की तिथि निर्धारित करें। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहां अति कुपोषित बच्चों को लाभ दिलाया जाए। लाल श्रेणी वाले बीमार बच्चों को तत्काल इलाज के लिए जिला चिकित्सालय एवं अन्य संबंधित चिकित्सालयों में भर्ती कराया जाए।
कहा कि 108 व 102 एंबुलेंस का उपयोग अति कुपोषित बच्चों को अस्पताल ले जाने में करें। उन्होंने कुपोषण क्लीनिक कार्यक्रम का भी आयोजन करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ उदयराज यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश बघेल, सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी, कोआर्डीनेटर डा. अनिल कुमार एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।