कन्नौज। बेमौसम तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कृषि विभाग ने रविवार को हुई तेज आंधी बारिश व ओलावृष्टि से ब्लाक कन्नौज समेत हसेरन, नादेमऊ, खड़िनी, तिर्वा, गुरसहायगंज क्षेत्र में गेहूं में 10 फीसदी तो मक्का समेत सब्जियों में 30 फीसदी नुकसान की बात कही है। कृषि व राजस्व विभाग की 82 टीमें नुकसान के आंकलन में जुट गई है।
रविवार शाम को तेज हवा व बारिश के साथ ओले गिरने से तैयार खड़ी फसल कुछ ही देर में बर्बाद हो गई। गेहूं, मक्का, टमाटर, बैगन, तरबूज, खरबूजा आदि फसलों को नुकसान हुआ। जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह ने बताया कि रविवार शाम हुई तेज बारिश व ओले से सबसे अधिक ब्लाक हसेरन व ब्लाक गुगरापुर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई है। नुकसान के आंकलन के लिए कृषि व राजस्व 82 टीमों को लगाया गया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही सही नुकसान का पता चल सकेगा। अभी तक बारिश व ओले से 30 फीसदी नुकसान का अनुमान है। मलिकपुर प्रतिनिधि के अनुसार रविवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से भैंसियापुर निवासी मनोज कुमार भैंस की मौत हो गई।
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टोल फ्री नंबर पर दें सूचना
जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह ने बताया जिले में हुई बारिश व ओलावृष्टि से जिन किसानों की गेहूं समेत अन्य फसलों को नुकसान है। वह इफ्को टोकियो फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18001035499 व 18001209090 जारी किया है। इसमें ओलावृष्टि, अतिवृष्टि व जलभराव से हुए नुकसान की सूचना किसानों को 72 घंटे में उपलब्ध करानी होगी। वहीं, कृषि मंत्री शिव प्रताप सिंह ने वीडियो कांफ्रेसिंग में कृषि अफसरों को फसलों में हुए नुकसान की जानकारी ली। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की बात कही।
गेहूं की कटाई व मढ़ाई का काम रुका
संवाद न्यूज एजेंसी
छिबरामऊ। आंधी व बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने अब किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से गेहूं के अलावा मक्का, मूंगफली व सब्जियों को भी तगड़ा नुकसान हुआ है। अब चार दिन तक गेहूं की कटाई व मढ़ाई का काम नहीं हो सकेगा।
सोमवार को सुबह से ही किसान चिंतित दिखाई दे रहे थे। खेतों में पड़े गेहूं के गट्ठर पूरी तरह से भीगें हुए थे, जिनको सूखने में कम से कम चार से पांच दिन का समय लगेगा। वहीं मूंगफली के अलावा खेतों में खड़ी टमाटर, तरबूज, खरबूजा की फसलों को भी तगड़ा नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि अब गेहूं की फसलों की कटाई व मढ़ाई का काम चार दिन तक नहीं हो सकेगा। बारिश के कारण गेहूं का दाना भी काला हो जाएगा और इसका असर फसल के उत्पादन व मूल्य पर पड़ेगा।
खड़िनी प्रतिनिधि के अनुसार खड़िनी निवासी देवेंद्र शाक्य ने बताया कि उसने एक हेक्टेयर में सब्जी की फसल बोई थी, जिसमें चार बीघा टमाटर, चार बीघा सीता फल व चार बीघा खरबूजे की फसल बोई थी।रविवार की शाम को हुई ओलावृष्टि में सब्जियां बर्बाद हो गईं। उधर ग्राम खटकरी निवासी किसान मान सिंह भदौरिया ने बताया कि उनकी आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। चपुन्ना प्रतिनिधि के अनुसार आंधी व बारिश के बाद हुई ओलावृष्टि में गेहूं की फसल को तगड़ा नुकसान हुआ है। किसान आदित्य द्विवेदी ने बताया कि बारिश के चलते गेहूं की फसल को लंबा नुकसान हुआ है। वहीं प्याज की फसल भी बर्बाद हुई है।