आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के बाहर शुक्रवार को कैश नहीं मिलने पर नाराज महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। बैंक गेट का बाहर से बंद कर दिया और गुरसहायगंज-फर्रुखाबाद मार्ग जाम कर दिया। विधायक पहुंचे तो उनका भी घेराव कर दिया। महिलाओं ने बैंक कर्मचारियों से कमीशनबाजी का आरोप मढ़ा। बाद में बैंक प्रबंधक के महिलाओं को पैसे देने के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। हंगामे के दौरान दो घंटे मार्ग ठप रहा।
समधन के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में शुक्रवार को जैसे ही शाखा के कर्मचारी ने बैंक में कैश न होने की बात की तो अनीभोज तारा देवी, कुंती देवी, बारीदेन बेगम, समधन शानू बेगम, रानी देवी, सोमवती, गढ़िया की ताला बानो, लखइयामऊ निवासी सलमा बेगम आदि आक्रोशित हो गईं। महिलाओं ने गुरसहायगंज-फर्रुखाबाद मार्ग जाम कर दिया। महिलाएं बैंक प्रबंधक व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगी। इसी दौरान भोजपुर विधानसभा के सपा विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी कार से मौके पहुंचे तो महिलाओं ने उनका भी रास्ता रोक लिया।
ड्राइवर के समझाने के बावजूद आक्रोशित महिलाओं के विधायक की कार को रास्ता नहीं दिया। विधायक सिद्दीकी कार से नीचे उतरे तो महिलाओं ने उनका घेराव कर दिया। हंगामा कर रही महिलाओं ने बताया कि वे कई दिनों से बैंक के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन कैश का भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन में कार फंस जाने के कारण विधायक ने कमालगंज से दूसरी कार मंगवाई और उससे रवाना हुए। दोपहर एक बजे तक महिलाओं ने गुरसहायगंज-फर्रुखाबाद मार्ग जाम रखा।
इधर, महिलाओं व ग्रामीणों के उग्र विरोध के चलते गुरसहायगंज पुलिस भी खामोश नजर आई। इसी बीच शाखा प्रबंधक रमेश चंद्र व फील्ड अफसर अवधेश सक्सेना ने कर्मियों के साथ कैश वितरण की नीति बनाकर महिलाओं को ही कैश देने की जानकारी दी। इससे महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।
दरोगा सतीश यादव महिलाओं को बैंक परिसर में ले गए। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। शाखा प्रबंधक रमेश चंद्र ने कहा कि शुक्रवार को मात्र दो लाख रुपये कैश था। जो कि प्रति महिला को दो हजार रुपये के हिसाब से वितरित किया गया है। उनके ऊपर कमीशन लेकर पैसा देने का जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं।