आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कसावा शाखा में सोमवार को बैंक खुलते ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक में घुसने के लिए ग्राहकों के बीच धक्का-मुक्की व मारपीट भी हुई। धक्का-मुक्की के चलते दो महिलाएं बेहोश हो गईं। बाद में चौकी इंचार्ज ने बैंक पहुंचकर ग्राहकों की लाइन लगवाई।
सोमवार सुबह बैंक खुलते ही लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई, जैसे ही कर्मचारियों ने गेट खोला तो लोग जल्दी घुसने के चक्कर में धक्का-मुक्की करने लगे। कई लोगों में मारपीट भी हुई। भीड़ में दबी ग्राम पश्चिमी मड़ैया निवासी सरबती देवी व मेदेपुर निवासी उमा देवी बेहोश हो गईं। ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को भीड़ से निकाला और चेहरे पर पानी छिड़का। उमा देवी को तो वहीं होश आ गया, जबकि सरबती देवी को पास के ही निजी डाक्टर के यहां भर्ती कराना पड़ा।
इसी दौरान ग्राम सुल्तानपुर निवासी विकलांग अजय मिश्रा सीढ़ियों से गिरकर चुटहिल हो गए। काफी देर तक बैंक के बाहर अफरातफरी का माहौल बना रहा। बैंक के बाहर हंगामे की सूचना पाकर कसावा चौकी इंचार्ज रणविजयबहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया और ग्राहकों की भीड़ को लाइन में लगवाया। ग्राहकों का कहना था कि सभी बैंकों में स्थिति सामान्य हो गई हैं, लेकिन यहां हमेशा अफरातफरी का माहौल रहता है। बैंक में बिना दलालों के कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। इसी बात को लेकर मदारीपुर के प्रधान सत्यराम यादव की शाखा प्रबंधक से काफी नोकझोंक भी हुई।
शाखा प्रबंधक अशोक कुमार दुबे का कहना था कि लगातार बैंक में कैश बंट रहा है, जबकि प्रधान का कहना था कि अधिकतर ग्राहकों को एक सप्ताह से भुगतान नहीं मिला है। भुगतान न होने के कारण बैंक में रोज हंगामा होता है। नगला तालपार निवासी रामलखन दुबे ने आरोप लगाया कि बैंक में कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो खिडक़ी के रास्ते लोगों को भुगतान दिलवाते हैं। इसकी शिकायत आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के उच्चाधिकारियों से भी की गई है। नुनार नगला निवासी संजय कुमार, कबीरगंज के नीरज, भीकमपुर सानी के साजिद आदि ने बैंक की लापरवाही की शिकायत की है।