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बैंकों की लापरवाही : 532 युवाओं का स्वरोजगार का सपना टूटा

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कन्नौज। शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना जिले में बैंक अधिकारियों की हठधर्मिता और शिथिल कार्यप्रणाली की बलि चढ़ती नजर आ रही है। अपना उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे युवाओं को बैंकों की चौखट पर सिर्फ निराशा और अपमान हाथ लग रहा है। वर्तमान में 532 आवेदन सीधे तौर पर बैंक स्तर पर बिना किसी वाजिब कारण के अटके पड़े हैं।
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उद्योग विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 700 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला था लेकिन बैंकों की मनमानी की वजह से योजना के प्रति युवाओं का रुझान ही कम हो गया। यही कारण है कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 1298 युवाओं ने ही आवेदन करने की हिम्मत जुटाई। हैरानी की बात यह है कि जो आवेदन आए भी, उन्हें आगे बढ़ाने के बजाय बैंक दबाकर बैठ गए हैं।
जिले के तीन प्रमुख बैंकों की शाखाओं ने तो लापरवाही की सारी हदें पार कर दी हैं। इनमें सबसे ज्यादा फाइलें लंबित हैं। अब तक केवल 300 आवेदकों को ही स्वीकृति मिल सकी है जबकि आधी से ज्यादा फाइलें लालफीताशाही का शिकार हो चुकी हैं। कागजात पूरे होने के बावजूद बैंककर्मी उन्हें टालमटोल कर भगा देते हैं। बैंकों की इस शिथिलता को देखते हुए डीएम ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बैंक स्तर पर लंबित सभी आवेदनों का तत्काल और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। बिना किसी ठोस कारण के आवेदनों को न लटकाया जाए। पात्र आवेदकों को बिना अड़चन के जल्द से जल्द लोन स्वीकृत कर योजना का लाभ पहुंचाया जाए।
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डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि योजना में लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत ने बताया कि लंबित आवेदनों का निस्तारण कराया जा रहा है।
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