बैंक के काउंटरों ने जब उपभोक्ताओं को धोखा दिया तो शहर के लगभग सभी एटीएम बूथ ही सहारा बने। बुधवार को शहर के कई एटीएम चालू थे तो बैंकाें में कैश खत्म हो गया था। इसके चलते बैंकों के अंदर सिर्र्फ पैसा जमा करने वालों की ही भीड़ नजर आई।
पीएनबी शाखा में सुबह 11 बजे सिर्फ पैसा जमा करने वालाें की ही भीड़ लगी हुई थी। विड्राल हाथों में लिए कई उपभोक्ता बैंक के अंदर ही बैठे थे। पीएनबी शाखा जिला हेड साकेत कुमार ने बताया कि कैश न आ पाने से परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं को बता दिया गया है कि करीब एक बजे तक कैश आ जाएगा तब तक सिर्फ पैसा जमा कर सकते है। उन्होंने बताया कि आरबीआई की ओर से मंगलवार को डेढ़ लाख के सिक्के भेजे गए थे, और उन सिक्कों को लेने से ग्राहक इंकार कर रहे है। कई उपभोक्ता सिक्के ले रहे हैं।
नोट बंदी के फैसले से बाजारों में सन्नाटा है। सुबह सात बजते ही लोग बैंक की कतार में खड़े हो जाते है। कुछ ऐसा ही हाल शहर के एटीएम पर भी है। बैंकों की स्थित पर यदि नजर डाले तो प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण बैंक की जिले की 44 व बैंक आफ इंडिया की 15 शाखाओं में 500 नोट के 1,78,4642500 रुपये (एक अरब, अठहत्तर करोड़, छियालीस लाख, बयालीस हजार, पांच सौ) जमा हुए हैं। वहीं एक हजार के 1,03,73,84,000 रुपये, (एक अरब, तीन करोड़, तिहत्तर लाख, चौरासी हजार) जमा किया गया। वहीं 500 के 65 लाख, 60 हजार व 1000 के 75 लाख दो हजार रुपये लोगों ने बैंकों से बदले हैं।
नोट बंदी के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। लोगों के हाथ में करेंसी पहुंचने लगी है। पूरे जिले की बैंक शाखाओं की बात की जाए तो करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है। बैंकों के साथ एटीएम भी दो हजार व 100 के नोट निकालने लगे हैं। मगर मार्केट के अंदर हर धंधे में 50 से 60 फीसदी तक गिरावट है। बैंकों के बाहर लंबी लाइनें छंटने का नाम नहीं ले रही है।
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की शाखाओं में सबसे अधिक पांच सौ के नोट जमा हुए है। बैंक आफ इंडिया में 16,08477 जबकि आर्यावर्त में 19,60808 के नोट जमा हुए। बैंक आफ इंडिया में 1000 के 572448 नोट व आर्यावर्त में 464936 नोट जमा हुए।
एलडीएम का कहना है कि बैंक उपभोक्ता कुछ दिन धैर्य बनाए रखे। सब कुछ सामान्य होने लगा है। बैंक से निकलकर जाने वाले छोटे नोट मार्केट में घूम नहीं पा रहे हैं, जिस कारण उछाल नहीं आ रहा। वहीं यदि पूरे जिले की बैंकों के आंकड़ों को देखा जाए तो पहले भी लोग बैंक में अपने रुपये जमा करते थे, लेकिन तब लोग पांच सौ व एक हजार के नोट के अलावा दस, पचास, सौ के नोट भी जमा करते थे। मौजूदा समय में इक्कादुक्का लोग ही छोटे नोट जमा कर रहे है।