फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंद नोट 50 फीसदी में बदलने का दिया था लालच

विज्ञापन
पुलिस हिरासत में पकड़े गए लोग। - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
तिर्वा(कन्नौज)। बंद नोटों को 50 फीसदी में बदलने के लालच पर राजस्थान से आए पांच लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं लालच देकर राजस्थान से बुलाने वाले युवक की तलाश में पुलिस छापा मार रही है।
विज्ञापन

गुरुवार को तिर्वा पुलिस ने अब्दुल मजीद शाह पुत्र फवासी शाह निवासी नई बस्ती खाटूपुरा थाना आलनपुर जिला सवाई माधौनगर राजस्थान, नसरुद्धीन पुत्र मजलिस निवासी सुभाष चौक जयपुर, आजम पुत्र याकूब निवासी रामगंज बाजार थाना रामगंज जयपुर, खुर्शीद पुत्र अशरफ निवासी मानवता थाना अहाना जिला नुहु मेवात हरियाणा और मो. रफीक पुत्र अब्दुल मजीद निवासी नायको का टीवा थाना ट्रांसपोर्ट नगर जयपुर राजस्थान को टवेरा गाड़ी के साथ मेडिकल कालेज के पास से गिरफ्तार किया था।
तलाशी के दौरान तीन लाख 81 हजार के प्रतिबंधित नोट बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने बताया कि वह मकनपुर में मजार के दर्शन कर लौट रहे हैं। एक व्यक्ति ने फोन कर प्रतिबंधित नोटों को आधे दामों में बदलने का लालच दिया था। इससे वह नोट लेकर चले आए। शुक्रवार को सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
विज्ञापन

इस तरह कन्नौज पहुंचे थे आरोपी
कन्नौज। कन्नौज में रहने वाले एक युवक से अब्दुल मजीद शाह का संपर्क हो गया था। युवक ने आधे दामों में रुपये बदलने का लालच दिया था। इससे बुधवार को अब्दुल मजीद शाह और नसरुद्दीन बस से कानपुर होते हुए मकनपुर में मदार शाह बाबा की मजार पर प्रतिबंधित नोट लेकर पहुंचे। अन्य लोग टवेरा से आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे से मकनपुर पहुंचे थे। फोन करने पर नोट बदलने का लालच देने वाले व्यक्ति से बात नहीं हो सकी। इससे सभी लोग मकनपुर में रुक गए। गुुरुवार को संपर्क होने के बाद दो युवक कार से मकनपुर पहुंचे। यह अब्दुल मजीद शाह और नसरुद्दीन को कार से तिर्वा मेडिकल कालेज ले आए। पीछे से टवेरा आ रही थी। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। स्थानीय दो युवक कार लेकर भाग निकले। इनकी तलाश में पुलिस छापा मार रही है।
सऊदी अरब में नौकरी करता था अब्दुल मजीद शाह
कन्नौज। आईबी और एलआईयू टीमों ने राजस्थान पुलिस से संपर्क कर सभी लोगों के बारे में जानकारी की। इसमें बताया गया कि आरोपी अब्दुल मजीद शाह सऊदी अरब में नौकरी करता था। उसी दौरान भारत में नोटबंदी हुई। अब्दुल मजीद ने बताया कि सारे रुपये उसके ही हैं। उसकी 80 वर्षीय मां की तबीयत खराब चल रही है। मकनपुर में मदार शाह में माथा टेकने के साथ प्रतिबंधित नोट बदलने के लालच में आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें