अमोलर गांव में भेड़-बकरी चराने जाता बालक।
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कन्नौज। बेरोजगार युवाओं और छोटे किसानों के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पशु चिकित्सा विभाग बकरी और भेड़ पालन को बढ़ावा देगा। पालकों को अनुदान मिलेगा। प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक विकास खंड से 100 लोगों को लाभ मिलेगा। इस हिसाब से जिले के आठ विकास खंडों से 800 लाभान्वित होंगे। तिर्वा और गुरसहायगंज कस्बे में प्रदेश स्तरीय बकरी बाजार लगता है। इससे पशु पालक यहां अच्छे दामों में बकरी और बकरा बेचकर अच्छी आमदनी कर सकेंगे।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने बकरी और भेड़ पालन योजना 2021 शुरू की है। योजना के तहत बेरोजगारों और छोटे किसानों को 10 बकरी और एक बकरे के पालन पर ऋण दिया जाएगा। 10 भेड़ पर एक भेड़ा समूह के रूप में दिया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग बैंक से ऋण दिलाएगा। पशु पालकों को करीब 30 फीसदी अनुदान का लाभ बैंक खाते में मिलेगा। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बेरोजगारी दूर करने के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। (संवाद)
योजना के लाभ के लिए इस तरह करें आवेदन
बकरी-भेड़ पालन के लिए ब्लाक पशु चिकित्सा अधिकारी को संबोधित प्रार्थना पत्र देना होगा। यहां से यह पत्र जिला स्तरीय पशुधन मिशन समिति के पास जाएंगे। समिति के सदस्य चयन के बाद लाभार्थी से संपर्क कर योजना का लाभ देंगे।
इन नस्लों का होगा पालन
दूध व्यापार के लिए पशु चिकित्सा विभाग पालक को जमुनापारी, सूरती, बरबरी और जखराना नस्ल की खरीद कराएगा। मांसोत्पादन के लिए उस्मानाबादी, मारवाड़ी और ब्लैक बंगाल जैसी प्रजातियों का पालन कराया जाएगा। विभाग ऊन के लिए कश्मीरी और चेंगू भेड़ों का पालन कराएगा।