जिला जेल में बंद कैदी ने जमानत न होने से आहत होकर
बुधवार को देर रात जान देने का प्रयास किया था। यह बात उसने गुरुवार को होश
में आने के बाद बताई। गुरुवार को पूरे दिन जिला अस्पताल के वार्ड तीन में
सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
सिपाही लगातार उस पर नजरें गड़ाए रहे, ताकि
मौका मिलने पर वह भाग न सके। मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में
उपचार करा रहे कैदी भानू (30) पुत्र बाबू निवासी मोहल्ला बगिया फजल इमाम
कोतवाली कन्नौज ने बताया कि वह दो साल से जेल में बंद है।
उसका बड़ा भाई भी
एक मामले में पकड़े जाने के बाद जेल में ही है। परिजनों के काफी प्रयास
करने के बावजूद उसकी जमानत नहीं हो पा रही है। इससे वह काफी दिनों से
परेशान चल रहा है। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। सिर्फ बूढ़ी मां ही है। इस
बाबत भानू का कहना है कि उसने जमानत न होने से परेशान होकर खुद ही अपनी
गर्दन के ऊपर प्रहार किया।
बैरक के अंदर ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इस
पर अन्य कैदियों ने हंगामा शुरू किया तो उसे अस्पताल पहुंचाया गया। उधर,
कैदी की सुरक्षा में लगे सिपाहियों ने बताया कि भानू डकैती के मामले में
निरुद्ध है। यह डकैती बीते दो वर्ष पूर्व कन्नौज शहर के मोहल्ला सिंहवाहिनी
रोड निवासी बिजली विभाग के ठेकेदार अरविंद यादव के मकान में पड़ी थी।