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बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयां बिगाड़ सकतीं सेहत

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बाजार में दुकान पर रखीं रंग-बिरंगी मिठाइयां। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। दीपावली पर्व पर बाजार में दुकानों पर सजीं रंग-बिरंगी मिठाइयां आपकी सेहत बिगाड़ सकती हैं। मुनाफाखोर दुकानदारों ने मिलावटी चीजों से मिठाइयां तैयार कर रखी हैं। यह मुसीबत की वजह बन सकती हैं।
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दीपावली पर शहर समेत कस्बे में मिठाइयों की दुकानें सज गई हैं। यहां पर रंग बिरंगी मिठाइयां बीमारियों को दावत दे रही हैं। ज्यादातर दुकानों में मिलावटी और दूषित खोया से बनी मिठाइयों की बिक्री हो रही है। विभाग इस ओर चुप्पी साधे है। विभाग की लचर कार्यशैली से खोया में मिलावट करने वालों के हौसले बुलंद हैं। शहर के चौराहों, गलियों में खुली मिठाई की दुकानों पर रंग-बिरंगी मिठाई बिक रही हैं। वहीं, दुकानों पर चांदी की तर्ज पर एल्यूमीनियम की वर्क चढ़ाकर मिठाई बेची जा रही हैं। यह वर्क सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। अंगुली में रगड़ने पर छाप छोड़ने से इसकी पहचान की जा सकती है। अंगुली रगड़ने पर वर्क गायब हो जाती है। विशेषज्ञ मिलावट से बचने के लिए ज्यादा रंगीन मिठाई न खरीदने की सलाह दे रहे हैं। इनके मुताबिक दुकानों पर मिठाई बनने व एक्सपायरी की जानकारी के लिए लगाए गए टैग जरूर देख लें।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- रंग-बिरंगी मिठाइयां खरीदने से बचें।
- विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाई खरीदें।
- मिठाई खरीदते समय चखकर देख लें।
- संभव हो तो घर पर ही मिठाई तैयार करें।
- गुणवत्ता देखकर ही मिठाई खरीदें।
नियम तोड़ कर मिला रहे रंग
मिठाई कारोबारी रंग मिलाने में खराब तत्वों का इस्तेमाल करते हैं। यह इसकी मात्रा भी बढ़ा देते हैं। एक व्यापारी ने बताया कि एक किलो मिठाई में 8.3 मिलीग्राम रंग इस्तेमाल करने की ही अनुमति है। इसके बावजूद कारोबारी अधिक रंग मिला देते हैं।
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आसान है मिलावट की पहचान
आमतौर पर सभी घरों में फर्स्ट एड बॉक्स होता है। इसमें आयोडीन टिंचर भी होता है। चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी बताते हैं कि खोया या उबलते दूध के अलावा मिठाई में आयोडीन टिंचर की एक बूंद डालें। रंग नीला होने पर समझ लेना चाहिए कि इसमें मिलावट है।
मिलावट से होती हैं गंभीर बीमारियां
मैलाकाइट ग्रीन, मेटनिल यलो और सूडानडाई का बेस लेड यानी सीसा से तैयार होता है। यह बेहद घातक है। इससे लिवर, हृदय रोगों के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है।
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