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Kannauj News: आयुष्मानों को सरकारी नहीं, निजी अस्पतालों पर भरोसा

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कन्नौज। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं कहने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों को भरोसा नहीं है। वह इलाज कराने से कतरा रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। आंकड़ों को देखा जाए तो एक साल में 22,158 आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज हुआ, जिसमें निजी अस्पतालों की संख्या डेढ़ गुनी है।
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जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिला और महिला अस्पताल के अलावा 100 शैया अस्पताल हैं। साथ ही 14 सीएचसी, 37 पीएचसी और 230 उपकेंद्र हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर सभी अस्पतालों में आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों का बेहतर उपचार किया जा सके, लेकिन इसके बावजूद आयुष्मान लाभार्थी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। अधिकतर लाभार्थी निजी अस्पतालों में ही अपना इलाज कराते हैं। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों को देखा जाए तो एक साल में 22,158 आयुष्मान लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया, जिसमें सरकारी अस्पताल में 8,880 लाभार्थियों ने इलाज कराया। निजी अस्पतालों में 13,278 लाभार्थियों ने इलाज कराया है।



प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में 4,20,043 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड हैं। जिले में 37 सरकारी अस्पताल और पांच निजी अस्पताल संबद्ध हैं, जहां पर लाभार्थियों का इलाज किया जाता है। योजना के तहत लाभार्थी का पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज किया जाता है। 37 सरकारी अस्पतालों में एक साल में 8,880 लाभार्थियों का ही इलाज हो सका है।
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सीएमओ डाॅ. विनोद कुमार का कहना है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिस कारण मरीज निजी अस्पतालों में अधिक जाते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर हो, जिसके बाद आयुष्मान लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
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