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अव्यवस्था: एक साल बाद भी नहीं बन पाया मृत्यु प्रमाण पत्र

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पंचायत सचिव देवेंद्र पाल से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वार्ता करते मृतकों के परिजन। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। एक साल पहले जीटी रोड पर घिलोई गांव के सामने स्लीपर बस व ट्रक की भिड़ंत में जान गंवाने वालों के परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं। पुलिस से अभिलेख उपलब्ध न होने से पंचायत सचिव प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं।
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बुधवार को खंड विकास कार्यालय पहुंचे फर्रुखाबाद जिले के ग्राम उगरापुर (थाना कमालगंज)निवासी रईस अहमद पुत्र मो. उमर ने बताया कि बस हादसा कांड में भाई लईक अहमद, भाई की पत्नी सायदा बेगम, पुत्री सादिया परवीन, पुत्र शान मोहम्मद व मो. कैफ की मौत हो गई थी। जनपद कासगंज के गंजडुडवारा निवासी मो. नाजिम पुत्र नसीम हुसैन ने बताया कि इस हादसे में पत्नी नूरी व बेटी सामिया की मौत हो गई थी। ग्राम नरायनपुर जिला फर्रुखाबाद निवासी अभिनव उर्फ सचिन पुत्र कृपाशंकर ने बताया कि बस हादसे में बहन प्रिया की मौत हो गई थी। इस हादसे को एक साल का समय बीत चुका है। खंड विकास कार्यालय की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इस संबंध में पंचायत सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने हादसे में मौत का शिकार हुए लोगों की अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। न ही अभिलेख उपलब्ध कराए हैं। इससे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में समस्या आ रही है।
10 जनवरी की शाम हुआ था हादसा
बस हादसा 10 जनवरी 2020 की शाम को हुआ था। फर्रुखाबाद से सवारियां लेकर जयपुर जा रही स्लीपर बस जीटी रोड पर घिलोई गांव के सामने ट्रक से भिड़ गई थी। इससे दोनों वाहनों में आग लग गई थी। हादसे में ट्रक चालक अजय सिंह उर्फ रिंकू (28) पुत्र पूरन सिंह (निवासी ग्राम लकीपुर थाना कुरावली जनपद मैनपुरी), बस चालक तुर्कहाटा बिलालपुर जनपद फर्रुखाबाद निवासी कमलेश पुत्र ब्रजपाल की भी मौत हो गई थी। बाकी मृतकों की पहचान के लिए पुलिस ने परिजनों के डीएनए सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे थे। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आठ मृतकों की पहचान हो पाई थी। इनके अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए थे।(संवाद)
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