कन्नौज। हमलावरों ने सचिन की बेरहमी से हत्या की। उसके दोनों हाथ और मुंह भी बंधा था। हत्या के बाद पहचान छुपाने के लिए ईंट से कूचकर चेहरे पर भी ताबड़तोड़ वार किए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और चेहरे पर 15 वार किए जाने की पुष्टि हुई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली है और सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं।
ग्राम लीलापुरवा निवासी सचिन जाटव की मां रन्नो देवी ने बताया कि खाने के लिए बेटे का इंतजार कर रही थी लेकिन उसके मौत की खबर मिली। परिजनों के अनुसार गांव की जिस युवती से सचिन का प्रेम-प्रसंग था उसके परिजनों से एक माह पहले विवाद हो गया था। पुलिस ने मानीमऊ चौकी पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया था। इसके बाद सचिन काम के सिलसिले में दिल्ली चला गया था, जहां जूता-चप्पल बनाने वाली कंपनी में काम करता था। सीओ सिटी कुलवीर ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। घटना से जुड़े सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था सचिन
सचिन मझले भाई के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। बड़ा भाई सुधीर गांव में रहकर शटरिंग का काम करता है और उसका विवाह हाे चुका है। सचिन व मझले भाई नीरज का अभी विवाह नहीं हुआ था। परिजनों ने गांव में लड़ाई झगड़ा व रंजिश बढ़ने के चलते सचिन को दिल्ली भेज दिया था।
गांव में तनाव, पुलिस कर रही निगरानी
युवक की हत्या को लेकर लीलापुरवा में तनाव का माहौल है क्योंकि ग्रामीणों पर ही हत्या का आरोप है। ऐसे में किसी भी विवाद को रोकने के लिए पुलिस लगातार गांव की निगरानी कर रही है।
जानलेवा हमला सहित चार संगीन मुकदमे दर्ज
कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सचिन जाटव आपराधिक किस्म का युवक था। उसके विरुद्ध जानलेवा हमला सहित मारपीट आदि के चार संगीन मुकदमे दर्ज हैं।