तिर्वा। दूसरे राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य का डाटा बनाने के लिए आशाओं ने घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया है। बीमार होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने के साथ ही उनकी कोरोना जांच भी करवाई जाएगी।
लॉकडाउन लगने के बाद बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर अपने-अपने गांव लौट आए हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले मजदूरों का सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें उनके स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारी एकत्रित की जा रही है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि अगर किसी प्रवासी मजदूर को बिमारी मिलती है, तो उसे अस्पताल भेज कर उसका इलाज करवाया जाएगा। इसके साथ ही बुखार, खांसी, टीवी के मिलने वाले मरीजों की कोरोना जांच भी करवाई जाएगी।