बिजली विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही और विद्युत
आपूर्ति में हो रही अंधाधुंध कटौती से क्षुब्ध क्षेत्र के कई गांवों के
ग्रामीणों ने बिजलीघर पर धावा बोल दिया। ग्रामीणों के उग्र रूप को देखकर
बिजली विभाग के अधिकारी कार्यालयों में ताले डालकर खिसक लिए।
इस दौरान
गुस्साए ग्रामीणों ने बिजलीघर पर दरी बिछाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जहां एक तरफ जिलाधिकारी की मौजूदगी में
तहसील दिवस का आयोजन चल रहा था। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के ग्राम हाथिन,
अटिया, अंतपुर, मदारपुर आदि कई गांवों के किसानों ने नगर के पूर्वी बाईपास
स्थित बिजलीघर पर धावा बोल दिया।
ग्रामीणों की भीड़ को देखकर कार्यालय में
मौजूद अधिकारी बिना किसी को कुछ बताए खिसक लिए। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों
ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जब कोई
अधिकारी उनकी समस्या सुनने नहीं आया तब किसानों ने दरी बिछाकर बिजलीघर पर
ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का
कहना था कि बिजली विभाग के अधिकारियों का रवैया जनता के प्रति अच्छा नहीं
है। कहा कि बहवलपुर फीडर में 16 फरवरी से पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर खराब
चल रहा है, जिसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। जिसके चलते क्षेत्र को
विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
आरोप लगाया कि जब इस संबंध में बिजली
विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली जाती है तो वह एक-दो दिन में व्यवस्था
में सुधार की बात कहकर टरका देते हैं। कहा कि पर्याप्त बिजली न मिल पाने के
कारण फसलें सूख रहीं हैं। ग्रामीणों ने तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र देकर
समस्याओं के निस्तारण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में
शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो वह लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस
दौरान उदयभान सिंह, प्रभाकांत, प्रधान मुन्नी देवी, सुशील कुमार, रामवीर,
उदय प्रकाश सिंह, रामनरेश, रंजीत, अजय सिंह चौहान, पूर्व प्रधान सत्यदेव
सिंह, मथुरा प्रसाद, सुशील कुमार, रामवीर, जगदीशचंद्र, विश्राम वर्मा,
राजवीर शाक्य, रामबाबू यादव, विनोद सिंह आदि ग्रामीण और किसान मौजूद थे।