लोहिया गांव हरौलपुरवा में नौ महीने पहले चौपाल लगाकर
डीएम ने बिजली विभाग के एक्सईएन को आठ दिन के अंदर विद्युतीकरण कराने के
निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति जस की तस है। शनिवार को इससे गुस्साए
लोगों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
वहीं नवनिर्वाचित प्रधान ने तीन दिन
के अंदर विद्युतीकरण कार्य शुरू न होने पर अनशन शुरू कर देने की चेतावनी दी
है। हरौलपुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत चुनाव के दौरान 40 खंभे
डाले गए थे। इनमें से 12 खंभे खड़े कर दिए गए। शेष खंभे बाद में ठेकेदार
उठा ले गया। इसके बाद न तो तार जोड़े गए और न ही ट्रांसफार्मर रखे गए।
शिकायत के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस
कारण गांव के लोगों को अंधेरे में जीवनयापन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को लेकर प्रधान राम खिलावन के नेतृत्व में रवि, सिंटू, लौंगश्री,
शारदा, सिया देवी, गीता आदि ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
आरोप
लगाया कि अभियंताओं की लापरवाही से ठेकेदार देरी कर रहा है। इसका खामियाजा
लोगों को अंधेरे में रहकर चुकाना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि भी इस ओर
ध्यान नहीं दे रहे, इसलिए गांव वाले खुद विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कराने को
आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैं।
प्रधान राम खिलावन का कहना है
कि अब आरपार की लड़ाई होगी। यदि अनशन के बाद भी प्रशासन व बिजली विभाग
सक्रिय न हुआ तो आमरण अनशन भी करेंगे। नारेबाजी व प्रदर्शन के दौरान रेनू,
मोहिनी, लवली, सोनम, खुशबू, अनुराधा, सतीश, संदीप, मोनू, गोलू, सोनू अंकित
आदि मौजूद थेे।
उधर, एक्सईएन विद्युत पी राम का कहना है कि मामले की छानबीन
कराएंगे। संबंधित ठेकेदार को जल्द हरौलपुरवा में विद्युतीकरण कार्य पूरा
करने को निर्देशित करेंगे।