प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमर्दा में दवा देखते डीएम रवींद्र कुमार।
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कन्नौज। शिक्षा विभाग के उत्थान के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की उस समय पोल खुल गई जब जिले के मुखिया ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा की हकीकत परखी। प्राथमिक विद्यालय उमर्दा के अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्र डीएम को गुड मॉर्निंग व गुड ऑफ्टर नून का मतलब नहीं बता सके। इस पर उन्होंने शिक्षकों को फटकार लगा दी।
गुरुवार को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने प्राथमिक विद्यालय उमर्दा के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात शिक्षकों के बारे में जानकारी लेकर हाजिरी रजिस्टर चेक किया। छात्रों से मिडडे मील में मिलने वाले भोजन व गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। प्राथमिक विद्यालय के परिसर में बंद आंगनबाडी केंद्र देख विभागीय अफसर को कार्रवाई के लिए कहा। अंग्रेजी माध्यम स्कूल की शिक्षा की गुणवत्ता चेक करने के लिए डीएम ने बच्चों से गुड मॉर्निंग व गुड ऑफ्टर नून के बारे में पूछा तो छात्र एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। यहां तक की वह डीएम का नाम तक नहीं बता सके। खराब शिक्षा गुणवत्ता पर उन्होंने तैनात शिक्षकों को फटकार लगाकर सुधार की चेतावनी दी।
बाद में डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमर्दा पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल में पड़े बेडों पर चादर न देख उनका पारा चढ़ गया। अस्पताल परिसर में गदंगी देख उन्होंने तैनात डॉक्टर को सुधार के आदेश दिए। डीएम ने अस्पताल के हाल के बारे में सीएमओ को बताकर कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर, डीएम रवींद्र कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमर्दा का निरीक्षण किया। किसी भी बेड पर चादर नहीं मिली। रजिस्टर, दवाओं, मरीजों की संख्या की जानकारी की। अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर मौजूद डॉ. मनोज कांत दीक्षित को फटकार लगा दी।