जसोदा। अटारा गांव में ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर कुछ स्थानीय संगठनों द्वारा बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास रविवार को किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। सदर कोतवाल ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि बिना प्रशासनिक मंजूरी के प्रतिमा स्थापित करना कानूनन गलत है और इससे शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। राजस्व विभाग ने भी पैमाइश कर पुष्टि की कि प्रतिमा सरकारी भूमि पर लगाई गई थी।
ग्रामीणों ने रातों-रात सरकारी जमीन पर चबूतरा बनाकर करीब ढाई फीट की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बिना अनुमति के ग्राम समाज की जमीन पर रखी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को वहां से हटवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। प्रतिमा स्थापित करने वालों को सख्त हिदायत दी गई कि बिना सरकारी अनुमति के किसी भी महापुरुष की प्रतिमा सरकारी भूमि पर नहीं लगाई जा सकती। ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ सरकारी सुरक्षित जमीन पर रखवाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती उपाय किए गए हैं। राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि प्रतिमा सरकारी भूमि पर स्थापित की गई थी। तब प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। इस घटना के बाद से गांव में पुलिस की निगरानी बनी हुई है ताकि शांति और व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।