कन्नौज। इत्रनगरी को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए बन रहे विश्वस्तरीय इत्र पार्क (इंटरनेशनल परफ्यूम पार्क) में लापरवाही बरतने वाले उद्यमियों पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने शनिवार को हंटर चलाया है। भूखंड आवंटन के लंबे समय बाद भी उद्योग स्थापित न करने और किस्तों का भुगतान न करने पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। यूपीसीडा ने कार्रवाई करते हुए तीन बड़े उद्यमियों के भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, जमीन दबाकर बैठे अन्य 20 उद्यमियों को अंतिम नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कार्रवाई से उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है।
इत्रनगरी के ठठिया क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बिल्कुल किनारे इस विश्वस्तरीय इत्र पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर पर 27 एकड़ बेशकीमती भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस पार्क का मुख्य उद्देश्य स्थानीय इत्र कारोबारियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराना है। पार्क में कुल 64 भूखंड (प्लॉट) विकसित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 47 भूखंडों का आवंटन विभिन्न नामी और नए उद्यमियों को किया जा चुका है।
यूपीसीडा के अधिकारियों के मुताबिक, जिन तीन उद्यमियों के आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं, उन्होंने प्लॉट आवंटित होने के बाद से डाउन पेमेंट के अलावा कोई किस्त जमा नहीं की थी। नियमों के अनुसार आवंटन के बाद तय समय सीमा के भीतर औद्योगिक इकाई के निर्माण का कार्य शुरू करना अनिवार्य होता है। इन उद्यमियों ने न तो मौके पर कोई निर्माण कार्य शुरू कराया और न ही यूपीसीडा द्वारा पहले भेजे गए कई नोटिसों का कोई जवाब दिया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्राधिकरण ने उनके आवंटन को रद्द कर दिया है और जमा की गई कुछ धनराशि भी जब्त कर ली है। संवाद
20 अन्य उद्यमियों की थमी सांसें, नोटिस जारी
इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही यूपीसीडा ने 20 और ऐसे उद्यमियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने प्लॉट तो ले लिए हैं लेकिन वहां उद्योग लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इन सभी 20 उद्यमियों को नोटिस जारी किया गया है। जिला उद्योग एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त प्रेमकांत ने साफ किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर इन उद्यमियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और मौके पर काम शुरू नहीं कराया, तो उनके भूखंड भी वापस ले लिए जाएंगे।
इनके आवंटन हुए निरस्त
यूपीसीडा ने आवंटी प्लॉट नंबर ए-13 मैसर्स काशी प्रसाद सोनी, बी-17 मैसर्स सरिता इंडस्ट्रीज व बी-21 मैसर्स उदित गुप्ता परफ्यूमर्स का आवंटन निरस्त कर दिया है। आवंटन के बाद इन उद्यमियों ने न तो उद्योग स्थापित किया और न ही प्लॉट की किस्तें जमा की। इसके अलावा अथॉरिटी की तरफ जो नोटिस भेजे गए थे, उनका जवाब भी नहीं दिया।
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5530 रुपये वर्गमीटर के हिसाब से मिली जमीन
इत्र पार्क में यूपीसीडा ने उद्यमियों को 5530 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से भूखंडों का आवंटन किया था। आवंटन से पहले भूखंड की कुल धनराशि का 10 प्रतिशत एडवांस जमा कराया गया। आवंटन के बाद 40 प्रतिशत डाउनपेमेंट जमा कराया गया। शेष 50 प्रतिशत धनराशि को किस्तों के रूप में जमा करना है। पहले यूपीसीडा ने भूखंडों का रेट 5330 रुपये निर्धारित किया था, बाद में इसमें 200 रुपये बढ़ाकर 5530 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया।
फोटो :03: आशीष नाथ
वास्तविक निवेशकों को मिलेगा मौका : आरएम
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष नाथ ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद उन वास्तविक निवेशकों और इत्र कारोबारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है, जो इस पार्क में जमीन लेकर अपना प्लांट लगाना चाहते थे। प्राधिकरण का मानना है कि जमीन ब्लॉक करके बैठने वाले लोगों के कारण परियोजना में देरी हो रही थी। अब निरस्त हुए भूखंडों को दोबारा से री-ओपन किया जाएगा ताकि जो उद्यमी सच में इत्र उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, उन्हें पारदर्शी तरीके से जमीन आवंटित की जा सके।
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फोटो :04: पवन त्रिवेदी।
यूपीसीडा ने की गलत कार्रवाई : अध्यक्ष
द अतर्स एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी का कहना है कि इत्र पार्क का अभी विधिवत शुभारंभ नहीं हुआ है और यूपीसीडा पिछले दो साल से 20 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से मेंटीनेंस चार्ज ले रहा है। पार्क में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पीछे की बाउंड्रीवाल भी नहीं बनी है, ऐसे में चोरी होने का डर है। यूपीसीडा ने गलत कार्रवाई की है, इस बारे में यूपीसीडा के उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।