तिर्वा। क्षेत्र के खटिक समाज के लोगों ने अधिकारियों पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने का आरोप लगाया है। समाज के लोगों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
मंगलवार को कमलराज लोकहित वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र चक्र की अगुवाई में खटिक समाज के लोगों ने एसडीएम राजेश कुमार को ज्ञापन दिए। उसमें बताया कि क्षेत्र में खटिक अनुसूचित जाति के लगभग 50 हजार लोग निवास कर रहे हैं। इन लोगों के पास पहले से ही तहसील की ओर से जारी जाति प्रमाण पत्र मौजूद है। हाल ही में जब कुछ लोगों ने नए जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया तो तहसील प्रशासन ने पूर्व में जारी प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया और उनके आवेदन भी खारिज कर दिए। समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने तहसीलदार से मिलकर अपने पुराने जाति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज भी दिखाए लेकिन मानने से इन्कार कर दिया। आरोप है कि बिना उचित जांच के ही रिपोर्ट लगाकर आवेदनों को निरस्त कर दिया गया, जिससे समाज के लोगों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन के निर्देशों के अनुसार एक बार जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र की बार-बार जांच नहीं की जा सकती, जब तक उसके गलत या फर्जी होने के ठोस प्रमाण न हो। खटिक समाज के लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन भी किया। इस दौरान नीरज चक्रवर्ती, धीरज चक्रवर्ती, सूरज, पन्नालाल, अवधेश समेत 100 से अधिक लोग मौजूद रहे। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच कराकर समस्या को निस्तारित किया जाएगा।