कन्नौज। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापामारी करते हुए कार्रवाई की। कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने शुक्रवार को छिबरामऊ एवं तालग्राम क्षेत्र में सघन छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान घिलोई स्थित द्विवेदी फर्टिलाइजर पर उर्वरक बिक्री रजिस्टर में किसानों की फार्मर आईडी, खतौनी और मोबाइल नंबर अंकित नहीं पाए गए, विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही माइक्रोन्यूट्रिएंट एवं एनपीके उर्वरक के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए लिए गए। इसी प्रकार छिबरामऊ में धीरज खाद भंडार से पोटाश उर्वरक का नमूना लिया गया। किसानों की शिकायत पर तेराजाकेट स्थित आलम इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया। वहां रेट बोर्ड न लगे होने सहित अन्य अनियमितताएं मिलने पर प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर एनपीके का नमूना लिया।
इस दौरान आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र मोहन नगला और छिबरामऊ कृषक एग्रीजंक्शन खरीफ सीजन में धान में टॉप ड्रेसिंग के समय बिना सूचना बंद पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों के लाइसेंस निलंबित कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान उर्वरक खरीदते समय फार्मर आईडी, आधार कार्ड और खतौनी साथ रखें तथा रसीद अवश्य लें। उन्होंने बताया कि यूरिया 18,987, डीएपी 8,097.60, एनपीके 14,761, पोटाश 3,686.40 एवं एसएसपी 4,608.30 मीट्रिक टन है। किसानों को उर्वरक कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।