उमर्दा। कस्बे स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में मंगलवार को किसान गोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने प्रगतिशील किसानों से संवाद कर सब्जी उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें नवीन तकनीकों से अवगत कराना था।
गोष्ठी में आकाशवाणी कार्यक्रम के अधिकारी डॉ. सुनील राय और चंद्रशेखर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. केएन तिवारी ने किसानों को सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, उन्नत किस्मों, संतुलित पोषण प्रबंधन और रोग नियंत्रण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एके तिवारी ने बताया कि वैज्ञानिक ढंग से खेती करने से न केवल लागत कम होती है, बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। कार्यक्रम में औरैया जनपद के प्रगतिशील किसान गिरेंद्र सिंह सेंगर ने मशरूम उत्पादन और उसके विपणन की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। वहीं, व्यावसायिक खेती करने वाले किसान आदित्य कुमार ने हल्दी, चंदन और खजूर की खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। औरैया के बेला से आए किसान राजेश कुमार चौहान ने टमाटर, गोभी और फरवरी माह में लगाई जाने वाली अन्य सब्जियों के पौधारोपण के समय ध्यान रखने योग्य बिंदुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत टपक विधि से सिंचाई करने वाले किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसका लाभ अधिक से अधिक किसानों को उठाना चाहिए। केंद्र प्रभारी प्रवीण कुमार ने भी किसानों को वैज्ञानिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया और उपयोगी सुझाव दिए।